Massive Crowd at Baba Jai Guru Dev Ashram: पंकज महाराज ने कहा, गुरु के ध्यान व सत्संग से ही आत्मा का कल्याण संभव

मथुरा के जय गुरुदेव आश्रम में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित सत्संग मेले में पंकज जी महाराज ने लाखों अनुयायियों को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु के ध्यान और सत्
मथुरा के जय गुरुदेव आश्रम में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित सत्संग मेले में पंकज जी महाराज ने लाखों अनुयायियों को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु के ध्यान और सत्संग के माध्यम से ही आत्मा का कल्याण संभव है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे समुद्र की लहरें समुद्र से जुड़ी होती हैं, उसी प्रकार गुरु का संबंध शब्द से होता है। जब हम गुरु के ध्यान में लीन होते हैं, तब हमारी आत्मा ईश्वर की ओर जागृत होती है और दुनिया की माया से दूर होती है। पंकज महाराज ने यह भी बताया कि मन को जब गुरु के प्रेम से ऊंचा उठाया जाता है, तब वह worldly मोह-माया को छोड़ देता है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि गुरु की भक्ति का उद्देश्य केवल ईश्वर को पाना होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कर्मों के महत्व पर भी जोर दिया और कहा कि यह कर्म प्रधान देश है, जहां जो जैसा कर्म करेगा, उसे वैसा ही फल मिलेगा। बुरे कर्म लोहे की जंजीर के समान होते हैं, जबकि अच्छे कर्म सोने की बेड़ियां हैं। गुरु के सत्संग से व्यक्ति अपने बुरे कर्मों की माफी पा सकता है।
सत्संग के दूसरे दिन पंकज महाराज ने अनुयायियों को बताया कि इस बार सौभाग्य से मनुष्य शरीर और गुरु का साथ मिला है, इसलिए हमें गुरु के आदेशों का पालन कर अपने कर्मों की धुलाई कर लेनी चाहिए। उन्होंने बच्चों में विद्या की ताकत की बात करते हुए कहा कि जो बच्चे स्कूल जाते हैं और गुरुजनों का कहना मानते हैं, उनमें विद्या की शक्ति जागृत होती है। वहीं, जो बच्चे स्कूल नहीं जाते और गुरुजन की आज्ञा का उल्लंघन करते हैं, उनके ज्ञान की शक्ति छिपी रह जाती है। मथुरा में हाईवे पर स्थित जय गुरुदेव आश्रम पर बुधवार को अनुयायियों ने लंबी कतारों में लगकर दर्शन किए।


















