Blood banks in villages: भागलपुर के 9 प्रखंडों में खुलेंगे ब्लड बैंक, ग्रामीण मरीजों को मिलेगी राहत

भागलपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। अब मरीजों को खून के लिए मायागंज अस्पताल या अन्य
भागलपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। अब मरीजों को खून के लिए मायागंज अस्पताल या अन्य बड़े अस्पतालों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत जिले के नौ प्रखंडों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में रक्त संग्रह केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इससे ग्रामीण मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और उन्हें अनावश्यक रेफरल से भी बचाया जा सकेगा। स्वास्थ्य विभाग ने इस योजना की तैयारी शुरू कर दी है और इसके तहत संबंधित चिकित्सा पदाधिकारियों और लैब टेक्नीशियनों को प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। यह पहल सरकार द्वारा सीएचसी स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने के लिए की जा रही है। वर्तमान में जिले में केवल चार रक्त बैंक संचालित हैं, जिनमें जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल, सदर अस्पताल और दो निजी रक्त सेंटर शामिल हैं। इन रक्त बैंकों में प्रतिदिन 20 से अधिक मरीज ऐसे आते हैं जिन्हें दुर्घटना, प्रसव या अन्य गंभीर कारणों से तत्काल खून की आवश्यकता होती है। नए रक्त संग्रह केंद्रों के खुलने से ग्रामीण मरीजों को समय पर रक्त मिल सकेगा और इससे उनकी जान भी बचाई जा सकेगी।
स्वास्थ्य विभाग ने इस योजना के तहत बिहपुर, खरीक, गोपालपुर, नारायणपुर, इस्माइलपुर, रंगरा चौक, सबौर, सन्हौला और शाहकुंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में रक्त संग्रह केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है। सिविल सर्जन को इस संबंध में पत्र भेजकर संबंधित चिकित्सा पदाधिकारियों, लैब टेक्नीशियनों, रक्त बैंक प्रभारियों और हेल्थ मैनेजरों का विवरण उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। इस प्रक्रिया को समय पर पूरा करने के लिए विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। पहले चरण में सभी को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसके बाद संबंधित रक्त बैंक के प्रभारी, चिकित्सा पदाधिकारी और हेल्थ मैनेजर का ऑफलाइन प्रशिक्षण भी होगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समय-सीमा में पूरी हों ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाया जा सके।


















