Panipat: सौतेली मां ने बेटे से कराया नाबालिग के साथ दुष्कर्म, महिला आयोग अध्यक्ष बोलीं-बख्शे नहीं जाएंगे आरोपी

पानीपत के तहसील कैंप क्षेत्र में एक 12 वर्षीय बच्ची के साथ उसकी सौतेली मां और सौतेले भाई द्वारा की गई गंभीर मारपीट और प्रताड़ना का मामला सामने आया है। इस घटना म
पानीपत के तहसील कैंप क्षेत्र में एक 12 वर्षीय बच्ची के साथ उसकी सौतेली मां और सौतेले भाई द्वारा की गई गंभीर मारपीट और प्रताड़ना का मामला सामने आया है। इस घटना में आरोप है कि सौतेली मां ने अपने बेटे के माध्यम से नाबालिग के साथ दुष्कर्म कराया है। हरियाणा राज्य महिला आयोग ने इस मामले पर कड़ा संज्ञान लिया है और इसकी अध्यक्ष उषा प्रियदर्शी ने एक वीडियो संदेश जारी कर इस अमानवीय कृत्य की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज के लिए बेहद चिंताजनक हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला तब प्रकाश में आया जब सामाजिक संगठनों और बाल कल्याण समितियों ने इस पर त्वरित कार्रवाई की मांग की। उषा प्रियदर्शी ने कहा कि पानीपत में हुई इस बर्बरता के लिए जिम्मेदार लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि इस मामले में तुरंत कार्रवाई की जाए।
हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष उषा प्रियदर्शी ने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद और निंदनीय है। उन्होंने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए और आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा, उन्होंने पीड़ित बच्ची की सुरक्षा, मेडिकल जांच और काउंसलिंग के लिए बाल संरक्षण टीम को तैनात करने के निर्देश भी दिए हैं। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पीड़ित बच्ची को हर संभव सहायता प्रदान की जाए। महिला आयोग ने स्थानीय पुलिस प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस मामले में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस घटना ने समाज में एक बार फिर से बच्चों के प्रति हो रहे अपराधों की गंभीरता को उजागर किया है। सामाजिक संगठनों ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार से मांग की है कि ऐसे मामलों में सख्त कानून बनाए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों। उषा प्रियदर्शी ने कहा कि आयोग पीड़ित बच्ची के साथ खड़ा है और न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि समाज को इस तरह की घटनाओं के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा होना होगा ताकि बच्चों को सुरक्षित और सुरक्षित वातावरण मिल सके। यह घटना न केवल पानीपत बल्कि पूरे देश के लिए एक चेतावनी है कि हमें बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।
















