Food Contamination at MIT: मुजफ्फरपुर के छात्रावास में फफूंद लगी ब्रेड और दूषित पानी का मामला

मुजफ्फरपुर के एमआईटी छात्रावास में छात्राओं के लिए भोजन और पानी की गुणवत्ता को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है। हाल ही में एक जांच टीम ने पाया कि छात्राओं को फफूंद
मुजफ्फरपुर के एमआईटी छात्रावास में छात्राओं के लिए भोजन और पानी की गुणवत्ता को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है। हाल ही में एक जांच टीम ने पाया कि छात्राओं को फफूंद लगी ब्रेड और कीड़े वाला भोजन परोसा जा रहा था। इस स्थिति के कारण कई छात्राएं टायफाइड जैसी गंभीर बीमारी का शिकार हो गई हैं। जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि छात्राओं ने अपने मोबाइल फोन में दाल और पोहा में मिले कीड़ों की तस्वीरें दिखाईं, जो इस बात का प्रमाण हैं कि भोजन की गुणवत्ता कितनी खराब है। इसके अलावा, छात्रावास में पीने के पानी की स्थिति भी बेहद चिंताजनक है। जांच के दौरान पाया गया कि पानी की टंकियां टूटी हुई थीं और उनमें कीड़े-मकोड़े तैर रहे थे। यह स्थिति न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि यह छात्राओं की सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा करती है।
जांच टीम ने यह भी बताया कि हॉस्टल में सफाई की स्थिति बेहद खराब है। न्यू हॉस्टल की आठ और गोल्डन जुबली हॉस्टल की नौ छात्राएं दूषित पानी और भोजन के कारण टायफाइड से प्रभावित हुई हैं। यह जानकर हैरानी होती है कि हॉस्टल के चीफ वार्डन को इस गंभीर स्थिति की जानकारी नहीं थी। जब जांच टीम ने छात्राओं की आवासन पंजी की मांग की, तो वह भी उपलब्ध नहीं कराई गई। यह दर्शाता है कि संस्थान की प्रशासनिक व्यवस्था कितनी लचर है। छात्राओं ने शिकायत की है कि उनके कमरों में अक्सर जहरीले सांप घुस आते हैं, जिससे उनकी जान को खतरा बना रहता है।


















