Fake Drug Trade Exposed in UP: यूपी में नकली दवाओं के काले कारोबार का खुलासा

उत्तर प्रदेश में नकली दवाओं के कारोबार का एक बड़ा खुलासा हुआ है, जो न केवल स्वास्थ्य के लिए खतरा है, बल्कि समाज में भी गंभीर चिंता का विषय बन गया है। हाल ही में
उत्तर प्रदेश में नकली दवाओं के कारोबार का एक बड़ा खुलासा हुआ है, जो न केवल स्वास्थ्य के लिए खतरा है, बल्कि समाज में भी गंभीर चिंता का विषय बन गया है। हाल ही में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) और विशेष कार्य बल (एसटीएफ) द्वारा की गई संयुक्त कार्रवाई में 27 दवाओं के सैंपल में से 23 नमूने गुणवत्ता जांच में फेल पाए गए हैं। यह जानकारी अधिकारियों द्वारा साझा की गई है, जिसमें बताया गया है कि संबंधित लैब ने जांच के परिणाम विभाग के साथ साझा कर दिए हैं और विस्तृत रिपोर्ट जल्द ही एफएसडीए को सौंप दी जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित कंपनियों और सप्लाई चेन के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जुलाई माह के दौरान, एफएसडीए ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में करीब दो करोड़ रुपये से अधिक की नकली दवाएं जब्त की हैं। इनमें एंटीबायोटिक, बुखार, दर्द निवारक और नशीली दवाओं की बड़ी खेप शामिल है। पिछले एक सप्ताह से 18 ड्रग इंस्पेक्टर और एसटीएफ की संयुक्त टीमें अवैध फैक्ट्रियों, गोदामों और थोक मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी कर रही हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि उत्तराखंड और जयपुर के कुछ क्षेत्रों में बंद पड़ी फैक्ट्रियों की मशीनों का इस्तेमाल कर नकली दवाएं तैयार की जा रही थीं। इन दवाओं को असली दवाओं की खेप में मिलाकर यूपी के विभिन्न जिलों में पहुंचाया जा रहा था, जिससे मरीजों और दवा विक्रेताओं के लिए इनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता था।



















