Hospital Struggles: रामपुर जिला अस्पताल में स्ट्रेचर की कमी से मरीजों को हो रही परेशानी

रामपुर जिला अस्पताल में गंभीर मरीजों के तीमारदारों को स्ट्रेचर की कमी का सामना करना पड़ रहा है। जब तीमारदार अपने मरीजों को स्ट्रेचर पर ले जाने की कोशिश करते हैं
रामपुर जिला अस्पताल में गंभीर मरीजों के तीमारदारों को स्ट्रेचर की कमी का सामना करना पड़ रहा है। जब तीमारदार अपने मरीजों को स्ट्रेचर पर ले जाने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें अक्सर किसी कर्मचारी की अनुपस्थिति का सामना करना पड़ता है, जिससे उन्हें अपने मरीजों को गोद में उठाकर ले जाना पड़ता है। शुक्रवार को अस्पताल का दौरा करने पर कई तीमारदारों को इस समस्या का सामना करते हुए देखा गया। एक मरीज, अजय कुमार, जिन्हें उनके परिवार ने सुबह करीब 11 बजे अस्पताल लाया था, ने स्ट्रेचर की मांग की, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। काफी समय तक इंतजार करने के बाद, परिवार ने खुद ही स्ट्रेचर की तलाश की और अंततः आधे घंटे बाद एक खाली स्ट्रेचर मिला। लेकिन उस स्ट्रेचर को खींचने के लिए कोई कर्मचारी उपलब्ध नहीं था, जिससे तीमारदारों को मजबूरन खुद ही मरीज को डाक्टर के पास ले जाना पड़ा।
इसी तरह की एक और घटना में, स्वार क्षेत्र से आई महिला निशा ने बताया कि उसके मरीज को एक्सरे के लिए स्ट्रेचर की आवश्यकता थी। उसने दो बार स्ट्रेचर के लिए अनुरोध किया, लेकिन हर बार उसे खींचने के लिए कोई कर्मचारी नहीं मिला। इस स्थिति में, तीमारदारों को खुद ही स्ट्रेचर खींचकर ले जाना पड़ा। अस्पताल में स्ट्रेचर और व्हीलचेयर की संख्या पर्याप्त है, लेकिन चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की कमी के कारण यह समस्या उत्पन्न हो रही है। अस्पताल में कुल 28 व्हीलचेयर और 30 से अधिक स्ट्रेचर उपलब्ध हैं, लेकिन कर्मचारियों की कमी के कारण तीमारदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।



















