Kangaroo Mother Care: 2 किलो से कम वजन वाले नवजात के लिए संजीवनी

पूर्णिया जिले में जन्म के समय 2 किलो से कम वजन वाले नवजात शिशुओं के लिए 'कंगारू मदर केयर' (kmc) विधि एक महत्वपूर्ण उपाय बनकर उभरी है। यह विधि न केवल माताओं के ल
पूर्णिया जिले में जन्म के समय 2 किलो से कम वजन वाले नवजात शिशुओं के लिए 'कंगारू मदर केयर' (KMC) विधि एक महत्वपूर्ण उपाय बनकर उभरी है। यह विधि न केवल माताओं के लिए बल्कि उनके परिजनों के लिए भी बेहद उपयोगी साबित हो रही है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत एएनएम (ANM) को इस तकनीक के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। ये प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी प्रसव के बाद माताओं और उनके परिजनों को अस्पताल में ही इस प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान कर रहे हैं। इस विधि के माध्यम से नवजात शिशुओं को सुरक्षित और स्वस्थ रखने में मदद मिलती है, जिससे उनके विकास की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।
चिकित्सकों का मानना है कि यदि जन्म के समय नवजात का वजन 2 किलोग्राम या उससे कम है, तो उसे वार्मर से निकालने के बाद कंगारू मदर केयर विधि का उपयोग करना सबसे बेहतर विकल्प है। इस विधि के तहत, बच्चे को मां के शरीर के निकट रखा जाता है, जिससे उसे प्राकृतिक रूप से गर्माहट मिलती है। यह तकनीक न केवल अस्पताल में, बल्कि घर पर भी अपनाई जा सकती है, जिससे कम वजन वाले बच्चों को सुरक्षित और स्वस्थ रखा जा सकता है। इस प्रक्रिया का पालन करने से बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार देखने को मिलता है।



















