Kangra Health Department: चार दिन से बिना मुखिया के चल रहा स्वास्थ्य विभाग

धर्मशाला। कांगड़ा जिले का स्वास्थ्य विभाग पिछले चार दिनों से बिना मुखिया के कार्यरत है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. विवेक करोल 31 जुलाई को सेवानिवृत्त हो
धर्मशाला। कांगड़ा जिले का स्वास्थ्य विभाग पिछले चार दिनों से बिना मुखिया के कार्यरत है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. विवेक करोल 31 जुलाई को सेवानिवृत्त हो गए हैं, लेकिन उनके स्थान पर नए सीएमओ की नियुक्ति अभी तक नहीं की गई है। इस स्थिति के कारण स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और प्रशासनिक कार्यों में बाधा उत्पन्न हो रही है। सीएमओ का पद जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारू संचालन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। स्वास्थ्य संस्थानों की निगरानी, विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा और विभागीय अधिकारियों के बीच समन्वय का कार्य सीएमओ के जिम्मे होता है। ऐसे में जब यह पद खाली है, तो जिले में स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित मामलों में दिक्कतें आ रही हैं, जिनमें सक्षम अधिकारी के अनुमोदन, निरीक्षण या प्रशासनिक निर्णय की आवश्यकता होती है।
सीएमओ का कार्यक्षेत्र जिले के अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं की उपलब्धता, स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति और विभागीय व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करना शामिल है। इसके अलावा, अधिकारियों और कर्मचारियों से जुड़े प्रशासनिक मामलों, विभिन्न रिपोर्टों की समीक्षा और उच्च अधिकारियों को जिला स्तर की रिपोर्ट भेजने जैसे कार्य भी सीएमओ की देखरेख में होते हैं। कांगड़ा जिले में टीबी उन्मूलन, टीकाकरण, मलेरिया-डेंगू नियंत्रण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य जैसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की निगरानी भी जिला स्वास्थ्य प्रशासन के जिम्मे है। इस प्रकार, सीएमओ की अनुपस्थिति से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।



















