Pollution causing deaths every six minutes: सड़क प्रदूषण से हर छह मिनट में एक मौत, ICCT की रिपोर्ट में खुलासा

नई दिल्ली में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में सड़क पर चलने वाले वाहनों से निकलने वाला प्रदूषण गंभीर स्वास्थ्य संकट का कारण बन रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्वच्छ प
नई दिल्ली में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में सड़क पर चलने वाले वाहनों से निकलने वाला प्रदूषण गंभीर स्वास्थ्य संकट का कारण बन रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्वच्छ परिवहन परिषद (ICCT) की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि 2024 में हर छह मिनट में एक व्यक्ति की अकाल मृत्यु इस प्रदूषण के कारण हो रही है। इसके अलावा, हर 34 मिनट में एक बच्चा अस्थमा का शिकार बन रहा है। इस समस्या का सबसे अधिक प्रभाव दिल्ली और उसके आसपास के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) पर पड़ा है। यहां की जनसंख्या का केवल पांच प्रतिशत हिस्सा होने के बावजूद, इस क्षेत्र में बच्चों में अस्थमा के मामलों का 23 प्रतिशत हिस्सा है। यह आंकड़ा इस बात को दर्शाता है कि प्रदूषण का बोझ कितना असमान है। ICCT की सीनियर रिसर्च फेलो जिन का कहना है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बच्चों में अस्थमा के मामलों में एक चौथाई हिस्सा अकेले इसी क्षेत्र का है। ये बच्चे रोजाना सड़क के प्रदूषण और जहरीले धुएं का सामना कर रहे हैं।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि भारी वाहनों जैसे ट्रक और बसें प्रदूषण फैलाने में सबसे बड़ी भूमिका निभा रही हैं। हालांकि, इन वाहनों की कुल संख्या में इनकी हिस्सेदारी कम है, लेकिन 2024 में सड़क परिवहन से निकलने वाले जहरीले गैस नाइट्रोजन ऑक्साइड का 79 प्रतिशत और हवा को दूषित करने वाले बारीक कणों (PM2.5) का 64 प्रतिशत इन्हीं भारी वाहनों से उत्पन्न हुआ है। यह स्थिति न केवल स्वास्थ्य के लिए खतरा है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी गंभीर समस्या बन चुकी है। ऐसे में, सरकार और संबंधित संस्थाओं को इस दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।



















