Rare fungal infection in eye: गुरुग्राम में चमगादड़ के मल से हुआ दुर्लभ फंगल संक्रमण

गुरुग्राम से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला की आंख में चमगादड़ों के मल से दूषित मिट्टी के कारण एक दुर्लभ फंगल संक्रमण का पता चला। इस संक्रमण
गुरुग्राम से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला की आंख में चमगादड़ों के मल से दूषित मिट्टी के कारण एक दुर्लभ फंगल संक्रमण का पता चला। इस संक्रमण को आइसोलेटेड आर्बिटल हिस्टोप्लाज्मोसिस कहा जाता है, और इसे समय पर पहचान कर डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक उपचार किया। महिला लंबे समय से आंखों में जलन और लालिमा की समस्या से जूझ रही थी, लेकिन सामान्य उपचार से कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद, आर्टेमिस हास्पिटल्स के विशेषज्ञों ने बायोप्सी कराने का निर्णय लिया, जिससे संक्रमण की सही पहचान हो सकी। बायोप्सी के परिणामों से पता चला कि महिला हिस्टोप्लाज्मा कैप्सुलेटम नामक फंगस से संक्रमित है, जो आमतौर पर चमगादड़ों और पक्षियों के मल से दूषित मिट्टी में पाया जाता है। यह फंगस अधिकतर फेफड़ों को प्रभावित करता है, लेकिन इस मामले में यह आंख के आर्बिट में पाया गया, जो कि बेहद दुर्लभ है।
अस्पताल की एसोसिएट कंसल्टेंट इन्फेक्शियस डिजीज, डॉ. राधिका सारदा ने बताया कि यह संक्रमण सामान्यतः उन लोगों में देखा जाता है जिनकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है। हालांकि, इस मरीज का इम्यून सिस्टम पूरी तरह से सामान्य था, जिससे यह मामला और भी अनोखा बन गया। डॉक्टरों की एक बहु-विषयक टीम ने महिला का उपचार एक वर्ष तक एंटी-फंगल दवाओं के माध्यम से किया। उपचार के दौरान, मरीज की स्थिति के अनुसार दवा की मात्रा और उपचार की अवधि को समायोजित किया गया। अंततः, उपचार के बाद संक्रमण पूरी तरह से नियंत्रित हो गया और महिला की दृष्टि भी सुरक्षित रही।



















