Action Mode for Raxaul Airport: रक्सौल एयरपोर्ट के लिए एक्शन मोड में बिहार सरकार, उड़ान में बाधक इमारतों पर चलेगा बुलडोजर

बिहार सरकार ने रक्सौल एयरपोर्ट को चालू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित इस एयरपोर्ट के सुरक्षित संचालन
बिहार सरकार ने रक्सौल एयरपोर्ट को चालू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित इस एयरपोर्ट के सुरक्षित संचालन में बाधा डालने वाले भवनों और पेड़ों को हटाने के लिए आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण से औपचारिक अनुरोध किया गया है कि वे इस दिशा में आवश्यक कदम उठाएं। कैबिनेट सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने दोनों संस्थाओं को पत्र भेजकर इस प्रक्रिया को शीघ्रता से आगे बढ़ाने का आग्रह किया है। यह कार्रवाई भारतीय वायुयान अधिनियम 2024 और एयरक्राफ्ट (अवरोधों का ध्वस्तीकरण) नियम 2025 के तहत की जा रही है। इसके तहत विमानों के सुरक्षित टेकऑफ और लैंडिंग के लिए आवश्यक अवरोधों का सर्वेक्षण किया गया है।
रक्सौल एयरपोर्ट के लिए तैयार किए गए ऑब्स्टेकल लिमिटेशन सरफेस सर्वे को विमानन निदेशालय द्वारा प्राप्त किया जा चुका है। इसके बाद सरकार ने पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि वे चिह्नित अवरोधों का भौतिक सत्यापन करें और संबंधित भवनों के स्वामियों का ब्योरा जुटाएं। नियमों के अनुसार, एयरपोर्ट संचालक पहले संबंधित मकान स्वामियों और एजेंसियों को नोटिस जारी करेंगे, ताकि वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया जा सके। इसके बाद, डीजीसीए संबंधित पक्षों को अपनी स्थिति स्पष्ट करने या सुधार करने के लिए 60 दिनों की मोहलत देगा। यदि इस अवधि में कोई सुधार नहीं होता है, तो भवनों के ध्वस्तीकरण या पेड़ों की छंटाई का आदेश जारी किया जाएगा।
















