Ukrainian Drone Attack: कानपुर में मर्चेंट नेवी अफसर सागर गुप्ता का अंतिम संस्कार

कानपुर में यूक्रेन के ड्रोन हमले में जान गंवाने वाले मर्चेंट नेवी के चीफ अफसर सागर गुप्ता का अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह भैरोघाट पर किया गया। इस दुखद अवसर पर उनक
कानपुर में यूक्रेन के ड्रोन हमले में जान गंवाने वाले मर्चेंट नेवी के चीफ अफसर सागर गुप्ता का अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह भैरोघाट पर किया गया। इस दुखद अवसर पर उनके बड़े भाई मनीष गुप्ता ने उन्हें मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और सागर के शुभचिंतक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। इस दौरान शोकाकुल परिवार ने सरकार पर आरोप लगाया कि उनकी एक भी मांग अब तक पूरी नहीं की गई है। स्वजनों का कहना है कि सरकार ने सागर के पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर नहीं भेजा, जिसके कारण उन्हें खुद ही तिरंगा लपेटना पड़ा। परिवार ने यह भी शिकायत की कि कोई बड़ा अधिकारी अंतिम संस्कार में शामिल होने तक नहीं आया। स्वजनों का कहना है कि सागर का पार्थिव शरीर घटना के 18 दिन बाद घर पहुंचा, और शव की स्थिति ठीक नहीं होने के कारण मजबूरी में अंतिम संस्कार करना पड़ा। परिवार ने सरकार से सागर को बलिदानी का दर्जा देने, दो करोड़ रुपये का मुआवजा और उनकी पत्नी शालू गुप्ता को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।
सागर गुप्ता का पार्थिव शरीर बुधवार शाम करीब चार बजे दिल्ली से एंबुलेंस द्वारा उनके शास्त्री नगर स्थित आवास पर लाया गया। जैसे ही ताबूत घर पहुंचा, उनकी पत्नी शालू गुप्ता, मां रामादेवी, बड़ी बहन पूजा, भाभी ज्योति, भतीजी लक्ष्मी समेत अन्य परिजन बिलख पड़े। घर में चीख-पुकार मच गई और अंतिम दर्शन के लिए रिश्तेदारों, परिचितों और क्षेत्रीय लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। गुरुवार सुबह भैरोघाट पर सागर का अंतिम संस्कार किया गया, जहां उनके बड़े भाई मनीष गुप्ता ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दुखद घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
















