Bill to Curb Fake Birth Certificates: फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने पर लगेगी रोक, लोकसभा में विधेयक पेश

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। भारत सरकार ने जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया को और अधिक सख्त करने के लिए जन्म और मृत्यु पंजीकरण कानून में संशोधन का विधे
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। भारत सरकार ने जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया को और अधिक सख्त करने के लिए जन्म और मृत्यु पंजीकरण कानून में संशोधन का विधेयक लोकसभा में प्रस्तुत किया है। गृह मंत्रालय द्वारा पेश किए गए इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्रों के निर्माण पर रोक लगाना है। इस विधेयक के तहत, जन्म या मृत्यु के दो साल से अधिक समय बाद प्रमाण पत्र बनाने के लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट की मंजूरी अनिवार्य की जाएगी। यह कदम उन मामलों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है जहां कई राज्यों, विशेषकर पश्चिम बंगाल में, बड़े पैमाने पर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाए गए थे। इन प्रमाण पत्रों में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई गई है। इस संदर्भ में सरकार ने प्रक्रिया को सख्त करने का निर्णय लिया है।
लोकसभा में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने 'जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026' पेश किया। यह विधेयक 20 जुलाई को केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी प्राप्त कर चुका है और इसमें 'जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969' की धारा 13(3) में संशोधन का प्रस्ताव है। पेश किए गए विधेयक के अनुसार, इस संशोधन से जन्म और मृत्यु की घटनाओं की समय पर रिपोर्टिंग को बढ़ावा मिलेगा। प्रस्तावित संशोधन के तहत, जन्म या मृत्यु के एक साल से दो साल के बीच पंजीकरण के लिए जिला मजिस्ट्रेट, उप जिला मजिस्ट्रेट या अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अनुमति लेना आवश्यक होगा। इस प्रक्रिया में शामिल अधिकारी को प्रमाण पत्र की सत्यता की जांच करनी होगी।
















