Efforts to Stop Dirty Water in Yamuna: यमुना में गंदा पानी रोकने की तैयारी तेज, 4500 करोड़ की परियोजनाओं को मंजूरी

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। यमुना नदी को प्रदूषण से मुक्त करने के लिए गंदे पानी के प्रवाह को रोकना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए दिल्ली जल बोर्ड ने कई महत्वपूर्ण कदम
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। यमुना नदी को प्रदूषण से मुक्त करने के लिए गंदे पानी के प्रवाह को रोकना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए दिल्ली जल बोर्ड ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिसमें पुराने सीवेज उपचार संयंत्रों (एसटीपी) का उन्नयन और 29 विकेंद्रीकृत सीवेज उपचार संयंत्र (डीएसटीपी) की स्थापना शामिल है। इन परियोजनाओं का निर्माण कार्य 21 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। भूमि की पहचान और अन्य औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं, जिससे इन परियोजनाओं की गति तेज हो गई है। इन नए संयंत्रों के निर्माण के बाद सीवेज उपचार की क्षमता 814 मिलियन गैलन प्रतिदिन (एमजीडी) से बढ़कर 1041 एमजीडी हो जाएगी। इस दिशा में 4500 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है।
दिल्ली जल बोर्ड ने 29 डीएसटीपी में से 13 का निर्माण कार्य पहले ही शुरू कर दिया है, जबकि एक का टेंडर प्रक्रिया में है। शेष 15 डीएसटीपी के निर्माण के साथ-साथ सीवर नेटवर्क का विस्तार, वर्तमान एसटीपी का उन्नयन, स्लज प्रबंधन सुविधाओं का विकास, और नालों का इन-सीटू ट्रीटमेंट जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को भी स्वीकृति दी गई है। दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि वर्तमान में दिल्ली में 1000 मिलियन गैलन प्रतिदिन (एमजीडी) सीवेज उत्पन्न होता है। जब वर्तमान सरकार ने कार्यभार संभाला था, तब दिल्ली की कुल सीवेज शोधन क्षमता केवल 749 एमजीडी थी, जिसे अब बढ़ाकर 814 एमजीडी किया गया है।
















