Court grants bail to mother: गुजरात हाई कोर्ट ने मां को दी जमानत, बेटी की हत्या का मामला

अहमदाबाद से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें गुजरात हाई कोर्ट ने एक महिला को जमानत दी है, जिसे अपनी दो साल की बेटी को खाना मांगने पर पीट-पीटकर मार
अहमदाबाद से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें गुजरात हाई कोर्ट ने एक महिला को जमानत दी है, जिसे अपनी दो साल की बेटी को खाना मांगने पर पीट-पीटकर मार डालने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में जस्टिस हसमुख डी. सुथार की अदालत ने कहा कि यह घटना केवल एक व्यक्ति की त्रासदी नहीं है, बल्कि यह समाज के समक्ष कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े करती है। कोर्ट ने यह भी कहा कि भुखमरी केवल आर्थिक समस्या नहीं है, बल्कि यह मानवीय गरिमा, न्याय और नैतिकता का भी मामला है। कोर्ट ने अपने आदेश में यह स्पष्ट किया कि जब कोई मां भूख के कारण ऐसा कदम उठाने पर मजबूर होती है, तो यह केवल उस व्यक्ति की विफलता नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की विफलता है।
कोर्ट ने इस दुखद घटना को एक नए संकल्प के रूप में देखने की बात कही है, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी मां या बच्चे को भूख का सामना न करना पड़े। लखीबेन सोलंकी, जो तीन बच्चों की मां हैं, को मार्च 2026 में अपनी बेटी ईशा की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, लखीबेन ने अपनी बेटी की पिटाई तब की थी जब वह खाना मांग रही थी, और इस पर वह चिढ़ गई थी। इस मामले में कोर्ट ने यह भी कहा कि सामाजिक न्याय का सिद्धांत इस बात पर आधारित है कि हर इंसान को बुनियादी सुविधाएं जैसे भोजन, आश्रय, और स्वास्थ्य सेवा मिलनी चाहिए।
















