Ethanol Import from America: केंद्र सरकार ने एथनॉल आयात की खबरों को बताया निराधार

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की बातचीत में ईंधन मिश्रण के लिए अमेरिका से एथनॉल आयात करने का कोई वादा नहीं
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की बातचीत में ईंधन मिश्रण के लिए अमेरिका से एथनॉल आयात करने का कोई वादा नहीं किया गया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि देश का एथनॉल मिश्रण कार्यक्रम पूरी तरह से घरेलू नीति के अनुसार संचालित होता है। मंत्रालय ने हाल ही में मीडिया में आई उन खबरों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि भारत अमेरिका से बड़े पैमाने पर एथनॉल आयात करने की योजना बना रहा है। सरकार ने इसे निराधार और तथ्यहीन बताते हुए कहा कि अमेरिका से एथनॉल का आयात नहीं किया जा रहा है और न ही ऐसी कोई योजना है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत की एथनॉल मिश्रित पेट्रोल (ई20) योजना का उद्देश्य घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है। इस योजना के तहत 80 प्रतिशत पेट्रोल और 20 प्रतिशत एथनॉल का मिश्रण उपयोग में लाया जा रहा है।
यह स्पष्टीकरण उस समय आया है जब आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि केंद्र सरकार भविष्य में डीजल और विमान ईंधन (एटीएफ) में भी एथनॉल मिलाने की योजना बना रही है। केजरीवाल ने लोगों से नई पेट्रोल और डीजल गाड़ियों की खरीद से बचने की अपील भी की थी। उल्लेखनीय है कि भारत और अमेरिका के बीच मार्च से व्यापार समझौते पर बातचीत जारी है। अब तक आठ दौर की वार्ताएं हो चुकी हैं और दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण के लिए रूपरेखा भी तय कर ली है। सरकार ने दोहराया कि व्यापार वार्ताओं का देश की मौजूदा एथनॉल नीति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
















