Court ruling on child death: 10 साल बाद सीवर में गिरे मासूम के परिवार को मिला इंसाफ

विनीत त्रिपाठी, नई दिल्ली। वर्ष 2014 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में एक खुले सीवर गड्ढे में गिरने से 10 साल के बच्चे की मौत के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने स्वजन क
विनीत त्रिपाठी, नई दिल्ली। वर्ष 2014 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में एक खुले सीवर गड्ढे में गिरने से 10 साल के बच्चे की मौत के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने स्वजन को मुआवजा देने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति मिनी पुष्करणा की पीठ ने इस मामले पर महत्वपूर्ण टिप्पणियां की हैं, जिसमें कहा गया है कि ऐसी चूक जीवन के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है। पीठ ने यह भी कहा कि इस मामले में प्रशासन की बुनियादी विफलता और सरकारी अधिकारियों की लापरवाही को पूरी गंभीरता से लेना चाहिए। पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि एक बच्चे की मौत के प्रति उदासीनता दिखाने वाले अधिकारी और एजेंसियां एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालने की कोशिश करती रहीं, जो कि बेहद दुखद है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले में कहा कि संवैधानिक अदालतें ऐसे पीड़ित स्वजन की मुश्किलों को नजरअंदाज नहीं कर सकतीं, जिन्होंने सरकारी अधिकारियों की लापरवाही के कारण अपने बच्चे को खो दिया है। पीठ ने कहा कि दर्द, सदमे और आर्थिक तंगी को केवल कानूनी समय-सीमाओं में नहीं मापा जा सकता। अदालत ने जान गंवाने वाले 10 साल के लड़के के स्वजन को याचिका दायर करने की तारीख से नौ प्रतिशत ब्याज के साथ 16.92 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह मुआवजा दिल्ली सरकार और दिल्ली जल बोर्ड को देना होगा।
















