Successful Heart Valve Replacement: लखनऊ में प्रसव के तुरंत बाद मां और नवजात को मिला नया जीवन

लखनऊ के संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) के चिकित्सकों ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण चिकित्सा उपलब्धि हासिल की है। यहां पर 26 वर्षीय गर्भव
लखनऊ के संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) के चिकित्सकों ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण चिकित्सा उपलब्धि हासिल की है। यहां पर 26 वर्षीय गर्भवती महिला का सफल उपचार किया गया, जिसमें सिजेरियन डिलीवरी के तुरंत बाद उसके हृदय के दो खराब वाल्वों का सफलतापूर्वक प्रतिस्थापन किया गया। यह प्रक्रिया न केवल मां के जीवन को बचाने में सफल रही, बल्कि नवजात शिशु भी पूरी तरह सुरक्षित है। डॉक्टरों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में इस तरह की जटिल सर्जरी पहली बार की गई है, जबकि देश में चौथी बार ऐसा सफल ऑपरेशन हुआ है। इस स्थिति में प्रसव और हृदय सर्जरी दोनों ही अत्यधिक जोखिमपूर्ण माने जाते हैं।
प्रसव के बाद इस जटिल सर्जरी को अंजाम देने के लिए एसजीपीजीआई की विशेषज्ञ टीम ने एक समन्वित योजना बनाई। मैटरनल एंड रिप्रोडक्टिव हेल्थ विभाग की प्रो. डॉ. नीता सिंह के अनुसार, महिला को गर्भावस्था के 32वें सप्ताह में सांस फूलने और दिल की धड़कन तेज होने की शिकायत पर अस्पताल लाया गया। जांच में पता चला कि उसके दिल के एओर्टिक और माइट्रल वाल्व गंभीर रूप से खराब हैं। इस स्थिति में मां और गर्भस्थ शिशु की जान बचाना सबसे बड़ी चुनौती थी। 21 जुलाई को महिला का सुरक्षित सिजेरियन डिलीवरी किया गया, जिसके बाद दो किलोग्राम का स्वस्थ नवजात शिशु जन्मा।



















