Flag Making Initiative: हर घर तिरंगा अभियान में 146 महिलाएं 2.15 लाख झंडे बनाएंगी

मऊ। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिले में हर घर तिरंगा अभियान की तैयारियों में तेजी आई है। शासन के निर्देशों के अनुसार, इस वर्ष भी राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन
मऊ। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिले में हर घर तिरंगा अभियान की तैयारियों में तेजी आई है। शासन के निर्देशों के अनुसार, इस वर्ष भी राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत स्वयं सहायता समूहों की 146 महिलाएं मिलकर 2.15 लाख तिरंगे तैयार करेंगी। यह पहल न केवल महिलाओं को रोजगार प्रदान करेगी, बल्कि उनके आर्थिक आत्मनिर्भरता को भी मजबूत बनाएगी। जिले के 52 स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को तिरंगा बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसमें तीन अलग-अलग आकार के राष्ट्रीय ध्वज तैयार किए जा रहे हैं। प्रत्येक तिरंगा बनाने पर महिलाओं को 20 रुपये का भुगतान किया जाएगा, जिससे उन्हें आर्थिक लाभ होगा। झंडों के निर्माण में कॉटन या पॉलिएस्टर कपड़े का उपयोग किया जा रहा है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन सभी तैयार तिरंगों की खरीद करेगा और भुगतान की राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में भेजी जाएगी। इसके बाद, इन तिरंगों का जिलेभर में निशुल्क वितरण किया जाएगा।
इस अभियान के तहत जिले में तिरंगा रैली, कॉन्सर्ट, तिरंगा प्रदर्शनी, रंगोली प्रतियोगिता सहित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इन आयोजनों के लिए शासन ने पांच लाख रुपये तक खर्च करने की अनुमति दी है। अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और नई पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति एवं स्वतंत्रता संग्राम के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। तिरंगा निर्माण का कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। 4 अगस्त तक स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने 66,995 तिरंगे तैयार कर लिए थे, जिसमें दोहरीघाट ब्लॉक की महिलाओं ने सबसे अधिक 15,200 तिरंगे बनाए। 5 अगस्त तक जिले में तैयार तिरंगों की संख्या बढ़कर 87,117 पहुंच गई है, जिससे यह अभियान गति पकड़ चुका है।
हर घर तिरंगा अभियान के तहत महिलाओं की मेहनत और लगन को देखते हुए यह स्पष्ट है कि यह पहल न केवल रोजगार के अवसर प्रदान कर रही है, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास को भी बढ़ा रही है। इस अभियान के माध्यम से महिलाएं न केवल अपने परिवारों का भरण-पोषण कर रही हैं, बल्कि समाज में अपनी पहचान भी बना रही हैं। इस प्रकार के अभियानों से यह संदेश भी जाता है कि जब महिलाएं सशक्त होती हैं, तो समाज और देश दोनों का विकास होता है। स्वतंत्रता दिवस के इस विशेष अवसर पर, तिरंगा बनाने वाली इन महिलाओं की मेहनत और योगदान को सराहा जाना चाहिए।
















