Hit and Run Case in Ghatkopar: नाबालिग की जमानत रद्द, मुंबई सेशंस कोर्ट का फैसला

मुंबई के घाटकोपर में हुए एक कार हादसे के मामले में मुंबई सेशंस कोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। कोर्ट ने हादसे में शामिल नाबालिग की जमानत को रद्द कर दिया है।
मुंबई के घाटकोपर में हुए एक कार हादसे के मामले में मुंबई सेशंस कोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। कोर्ट ने हादसे में शामिल नाबालिग की जमानत को रद्द कर दिया है। इसके साथ ही सबअर्बन जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (JJB) को निर्देश दिया गया है कि नाबालिग की उपस्थिति सुनिश्चित कर उसे बाल सुधार गृह भेजने के लिए उचित आदेश जारी किया जाए। इस दुर्घटना में व्यवसायी ध्रुमिल प्रेमजी पटेल की मौत हो गई थी, जबकि उनकी पत्नी मीनल गंभीर रूप से घायल हुई थीं। यह घटना 5 फरवरी की रात करीब 11:15 बजे विद्याविहार स्थित सोमैया कॉलेज के पास हुई थी। उस समय ध्रुमिल पटेल और उनकी पत्नी स्कूटर पर जा रहे थे, तभी एक किशोर द्वारा चलाई जा रही किआ सेल्टोस कार ने तेज रफ्तार में उनके दोपहिया वाहन को टक्कर मार दी। इस हादसे ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया था।
नाबालिग पर गैर-इरादतन हत्या, लापरवाही से वाहन चलाने और भारतीय न्याय संहिता तथा मोटर वाहन अधिनियम के तहत अन्य गंभीर अपराधों के आरोप लगाए गए हैं। उसे जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया गया था, जहां बोर्ड ने 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा को ध्यान में रखते हुए 6 मार्च को उसे अंतरिम ज़मानत दी थी। इसके बाद उसे ऑब्जर्वेशन होम में काउंसलिंग दी गई और फिर नियमित जमानत मिल गई। इस बीच, कार के मालिक और नाबालिग के पिता को भी गिरफ्तार किया गया था, जिन्हें बाद में ज़मानत मिल गई। ध्रुमिल पटेल के परिवार ने इस मामले में मुंबई सेशंस कोर्ट में आपराधिक अपील दायर की, जिसमें एडवोकेट रूबेन मैस्करेनहास ने उनका पक्ष रखा।
















