Kidney transplant case: किडनी ट्रांसप्लांट मामले में डॉक्टर दंपती समेत चार को मिली जमानत

हाल ही में किडनी ट्रांसप्लांट मामले में हाईकोर्ट ने डॉक्टर दंपती सहित चार आरोपियों को जमानत दे दी है। इस मामले में अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया था कि आहूजा अस्पताल
हाल ही में किडनी ट्रांसप्लांट मामले में हाईकोर्ट ने डॉक्टर दंपती सहित चार आरोपियों को जमानत दे दी है। इस मामले में अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया था कि आहूजा अस्पताल में ऑपरेशन के बाद, किडनी लेने और देने वालों को प्रिया अस्पताल और मेड लाइफ हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था ताकि अपराध को छिपाया जा सके। अभियोजन का कहना है कि सभी आरोपी एक संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहे थे। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों की सुनवाई के बाद और केस डायरी की जांच के बाद डॉक्टर दंपती की जमानत याचिका को मंजूर कर लिया। इस निर्णय के बाद, मामले में आरोपी प्रिया अस्पताल के संचालक नरेंद्र सिंह और राजेश कुमार को भी जिला जज की अदालत से जमानत मिल गई।
राजेश कुमार की भूमिका इस मामले में महत्वपूर्ण बताई गई है, क्योंकि उसे किडनी देने वाले और किडनी लेने वाले को एनस्थीसिया देने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, राजेश एफआईआर में नामजद नहीं था, लेकिन गवाह के बयान के आधार पर उसके खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश की गई है। पुलिस ने एफआईआर में राजेश कुमार वाल्मीकि नाम दर्ज किया है, जबकि उसका असली नाम केवल राजेश कुमार है। यह स्पष्ट है कि वह नामजद आरोपी नहीं है, लेकिन उसके खिलाफ सबूतों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
















