Voter Mapping Issues: 14 लाख से अधिक मतदाताओं की मैपिंग रह गई अधूरी

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान 14,02,262 मतदाता अनमैप्ड रह गए हैं, जिनकी मैपिंग नहीं हो सकी है। यह
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान 14,02,262 मतदाता अनमैप्ड रह गए हैं, जिनकी मैपिंग नहीं हो सकी है। यह आंकड़ा कुल मतदाताओं का केवल 5.3 प्रतिशत है। इस स्थिति ने राज्य के चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां मतदाता संख्या अधिक है। जमशेदपुर पूर्वी और जमशेदपुर पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं, जहां सबसे अधिक मतदाता अनमैप्ड पाए गए हैं। इसके अलावा, सरायकेला, मनिका, रांची और हटिया विधानसभा क्षेत्रों में भी 10 प्रतिशत से अधिक मतदाता अनमैप्ड हैं। इनमें से अधिकांश विधानसभा क्षेत्र शहरी क्षेत्र में आते हैं, जो चुनावी प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार के अनुसार, एसआईआर की पूर्व गतिविधियों के तहत 23 मई को 70,62,319 अन-मैप्ड मतदाताओं की सूची सभी मतदान केंद्रों पर प्रकाशित की गई थी। इसके बाद, गणना चरण से पूर्व सघन अभियान चलाकर इस संख्या को घटाकर 47,42,505 किया गया। इस प्रक्रिया में मतदाताओं, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए-2, वालेंटियर्स और बीएलओ के सहयोग से अधिक से अधिक मतदाताओं की विगत एसआईआर से मैपिंग का कार्य किया गया। इस प्रयास का परिणाम यह रहा कि वर्तमान में केवल 5.3 प्रतिशत अर्थात कुल 14,02,262 मतदाता ही अनमैप्ड श्रेणी में बचे हैं। भारत निर्वाचन आयोग ने विगत एसआईआर की मतदाता सूची को एक सुपीरियर डाक्यूमेंट के रूप में मान्यता दी है।
















