Land Fraud in Kushinagar: हाटा में सरकारी भूमि पर बड़ा फर्जीवाड़ा, 78 एकड़ निजी नाम पर दर्ज

कुशीनगर के हाटा तहसील में सरकारी भूमि पर एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसमें 78 एकड़ भूमि को निजी नाम पर दर्ज किया गया है। यह मामला तब प्रकाश में आया जब प्र
कुशीनगर के हाटा तहसील में सरकारी भूमि पर एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसमें 78 एकड़ भूमि को निजी नाम पर दर्ज किया गया है। यह मामला तब प्रकाश में आया जब प्रशासन ने हाल ही में दुदही में 60 एकड़ सरकारी भूमि के फर्जी दस्तावेजों के मामले की जांच शुरू की थी। अब हाटा में भी इसी तरह का एक मामला सामने आया है, जहां 21 एकड़ भूमि पर कब्जा करने की कोशिश की गई है। यह भूमि दशकों से वरासत के नाम पर पीढ़ी दर पीढ़ी दर्ज होती आ रही थी, लेकिन प्रशासन की लापरवाही के कारण इस पर कभी ध्यान नहीं दिया गया। कुछ लोगों ने इस भूमि पर मकान भी बना लिए हैं और कुछ ने इसे बेच भी दिया है। प्रशासन ने अब नोटिस जारी कर इन कब्जों को खाली कराने का आदेश दिया है। फर्जीवाड़ा करने वाले अधिकांश लोग अब इस दुनिया में नहीं हैं, जिसके कारण यह मामला और भी जटिल हो गया है। प्रशासन अब इस भूमि को खाली कराकर पर्यटन विकास से जुड़े कार्य करने की योजना बना रहा है।
हाटा तहसील के ग्राम पट्टन में गाटा संख्या-59 मि एवं गाटा संख्या-8 (कुल लगभग 78 एकड़) तथा ग्राम सोनबरसा में गाटा संख्या-156 (लगभग 21 एकड़) भूमि वर्ष 1323 फसली बंदोबस्त के अभिलेखों में सरकारी दर्ज है। जांच के दौरान यह पता चला कि फर्जीवाड़े के माध्यम से इस भूमि का वर्तमान में भूमिधरी के रूप में उपयोग किया जा रहा है। ग्राम सोनबरसा का गाटा संख्या-156 वर्तमान में खाली है, लेकिन इसके बावजूद इस पर भी कब्जा किया गया है। प्रशासन अब फर्जी इंद्राज को निरस्त कराने और भूमि को पुनः धूस के रूप में दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है।
















