Pakistan's Conspiracy to Incite Students Against PM Modi: छात्रों को भड़काने की साजिश रच रहा था पाकिस्तान, खुफिया एजेंसियों ने किया खुलासा

भारतीय खुफिया एजेंसियों ने हाल ही में इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कई डीपफेक वीडियो की पहचान की है, जिनका संबंध पाकिस्तान से जुड़े हैंडल से है। इन वीडियो का मुख्य
भारतीय खुफिया एजेंसियों ने हाल ही में इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कई डीपफेक वीडियो की पहचान की है, जिनका संबंध पाकिस्तान से जुड़े हैंडल से है। इन वीडियो का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की छवि को नुकसान पहुंचाना और छात्रों के बीच भ्रम व असंतोष फैलाना है, ताकि उन्हें आंदोलन के लिए उकसाया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि इन वीडियो में यह भ्रामक दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार हाल में आंदोलन करने वाले छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने जा रही है। जांच एजेंसियों के अनुसार, इन वीडियो को सुनियोजित तरीके से इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर फैलाया जा रहा है, जिससे ऐसा माहौल बनाया जा सके कि सरकार छात्रों के खिलाफ कठोर कदम उठाने वाली है। इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस अभियान का मुख्य निशाना प्रधानमंत्री मोदी हैं। उनका कहना है कि वीडियो का मकसद छात्रों को फिर से सड़कों पर उतरने के लिए उकसाना और उनका गुस्सा सीधे प्रधानमंत्री की ओर मोड़ना है।
अधिकारियों के अनुसार, पहले ऐसे कई फर्जी वीडियो भारतीय सेना को निशाना बनाकर प्रसारित किए जाते थे, लेकिन हाल के दिनों में इनका फोकस प्रधानमंत्री मोदी पर केंद्रित हो गया है। उनका मानना है कि इसके जरिए भारत में अस्थिरता पैदा करने और राजनीतिक माहौल को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। इस बीच, सरकार ने स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ कोई दंडात्मक या कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। दिल्ली समेत बिहार, पश्चिम बंगाल, असम और महाराष्ट्र सरकारें भी छात्रों को इसी तरह का भरोसा दे चुकी हैं। दिल्ली सरकार ने हाल ही में नीट-यूजी प्रदर्शनों से जुड़ी 13 एफआइआर में आगे की कार्रवाई रोकने का आदेश भी दिया है।
















