Meta faces crisis in India, ordered to pay $567 million in US: मेटा को अमेरिका में 54 अरब रुपये का हर्जाना, भारत में माफी मांगनी पड़ी

विश्व प्रसिद्ध कंपनी मेटा के लिए संकट का दौर खत्म नहीं हो रहा है। भारत में एल्गोरिद्म और भारतीय कानूनों के पालन पर मेटा के अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है। इस
विश्व प्रसिद्ध कंपनी मेटा के लिए संकट का दौर खत्म नहीं हो रहा है। भारत में एल्गोरिद्म और भारतीय कानूनों के पालन पर मेटा के अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है। इसी बीच, अमेरिका के न्यू मैक्सिको स्टेट कोर्ट ने मेटा को टीनएजर्स की मेंटल हेल्थ के लिए बने फंड में 567 मिलियन डॉलर (54 अरब रुपये) जमा कराने का आदेश दिया है। कोर्ट ने यह भी कहा कि कंपनी को अपने प्लेटफॉर्म पर युवा यूजर्स के लिए काम करने के तरीके में बदलाव करना होगा। कोर्ट का मानना है कि बच्चों को नुकसान पहुंचाने के लिए मेटा जिम्मेदार है।
न्यू मैक्सिको के सांता फे में कल गुरुवार को मामले की सुनवाई करते हुए जज ब्रायन बीडशाइड ने डेमोक्रेट अटॉर्नी जनरल राउल टोरेज का पक्ष लेते हुए फैसला सुनाया। उन्होंने कहा कि मेटा ने न्यू मैक्सिको में जनता के लिए परेशानी यानी Public Nuisance की स्थिति पैदा की है। टोरेज ने आरोप लगाया कि मेटा ने ऐसे प्रोडक्ट तैयार किए हैं जिनसे युवा यूजर्स को लत लग जाती है और कंपनी बच्चों को यौन शोषण से रोकने में नाकाम रही है।
यह फैसला उस घटना के 5 महीने बाद आया है जब न्यू मैक्सिको की जूरी ने मेटा को 375 मिलियन डॉलर का भुगतान करने का आदेश दिया था। जूरी ने पाया था कि मेटा ने युवा यूजर्स के लिए फेसबुक और इंस्टाग्राम की सुरक्षा को लेकर गलत जानकारी देकर कंज्यूमर प्रोटेक्शन लॉ का उल्लंघन किया है। सोशल मीडिया कंपनियों पर युवा यूजर्स को नुकसान पहुंचाने के आरोपों वाले केसों की संख्या बढ़ रही है, और इस केस पर बारीकी से नजर रखी जा रही थी।
अमेरिका में 40 से अधिक राज्यों और 1,300 से अधिक स्कूल डिस्ट्रिक्ट्स ने सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ पब्लिक न्यूसेंस से जुड़े केस कर रखे हैं। वे मुआवजे के साथ-साथ कोर्ट के ऐसे आदेश भी चाहते हैं जिनसे प्रोडक्ट और तौर-तरीकों में बड़े स्तर पर बदलाव किए जाएं।
















