Mining Team Incident: वाराणसी में खनन टीम से जेसीबी छीनकर भागे दबंग

वाराणसी के चौबेपुर थाना क्षेत्र के लूठा कलां गांव में अवैध खनन की सूचना पर कार्रवाई करने पहुंची पुलिस और खनन विभाग की संयुक्त टीम के साथ कुछ दबंगों ने धक्का-मुक
वाराणसी के चौबेपुर थाना क्षेत्र के लूठा कलां गांव में अवैध खनन की सूचना पर कार्रवाई करने पहुंची पुलिस और खनन विभाग की संयुक्त टीम के साथ कुछ दबंगों ने धक्का-मुक्की की। इस दौरान आरोपियों ने जब्त की गई जेसीबी मशीन को छुड़ाकर भगा लिया। घटना ने अवैध खनन और प्रशासनिक कार्रवाई में बाधा डालने के मुद्दे को एक बार फिर से चर्चा का विषय बना दिया है। पुलिस ने इस मामले में दो नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। घटना के समय जेसीबी चालक सिकंदर कुमार, जो कि लूठा का निवासी है, ने टीम को देखकर मशीन लेकर भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे रोक लिया। इसके बाद पुलिस ने जेसीबी को जब्त कर थाने ले जाने की कार्रवाई शुरू की। इसी बीच प्रदीप यादव नामक एक स्थानीय व्यक्ति अपने कुछ साथियों के साथ मौके पर पहुंचा और उसने पुलिस तथा खनन विभाग के अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की की। इस दौरान आरोपियों ने जब्त की गई जेसीबी मशीन को छुड़ाकर मौके से फरार हो गए।
खनन विभाग द्वारा की गई जांच में दो अलग-अलग स्थानों पर कुल 1882.4 घनमीटर बलुई मिट्टी का अवैध खनन पाया गया। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस अवैध खनन के कारण राज्य सरकार को रॉयल्टी और खनिज मूल्य के रूप में लगभग 7,90,608 रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। यह मामला न केवल अवैध खनन की गंभीरता को उजागर करता है, बल्कि प्रशासनिक कार्रवाई में बाधा डालने की घटनाओं की बढ़ती प्रवृत्ति को भी दर्शाता है। ऐसे मामलों में स्थानीय प्रशासन की भूमिका और प्रभावशीलता पर सवाल उठते हैं।
















