Monsoon in Mumbai: मानसून में मुंबई की झीलों में लबालब भरा पानी, IMD ने मध्यम बारिश का जताया अनुमान

मुंबई में इस वर्ष मानसून ने जबरदस्त बारिश के साथ दस्तक दी है, जिससे शहर की झीलें फिर से लबालब भर गई हैं। इस बारिश ने जहां शहरवासियों को लंबे जाम में फंसे रहने क
मुंबई में इस वर्ष मानसून ने जबरदस्त बारिश के साथ दस्तक दी है, जिससे शहर की झीलें फिर से लबालब भर गई हैं। इस बारिश ने जहां शहरवासियों को लंबे जाम में फंसे रहने के लिए मजबूर किया है, वहीं जलाशयों के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है। वर्तमान में, मुंबई के सभी जलाशय लगभग पूरी तरह से भर चुके हैं, जो कि शहर के लिए एक राहत की बात है। मुंबई में कुल सात प्रमुख झीलें हैं, जिनमें अपर वैतरणा, मिडिल वैतरणा, भातसा, तानसा, तुलसी, मोदक सागर और विहार शामिल हैं। इन झीलों में से मोदक सागर, विहार और तुलसी अपनी कुल क्षमता का 100 प्रतिशत भर चुके हैं, जबकि तानसा 98.85 प्रतिशत तक भर चुकी है। भातसा झील भी 86.64 प्रतिशत तक भरी हुई है, जो कि मुंबई के पीने के पानी का सबसे बड़ा स्रोत मानी जाती है। मिडिल वैतरणा 92.37 प्रतिशत और अपर वैतरणा 78.83 प्रतिशत तक भर चुकी हैं। इन सभी झीलों में पानी स्टोर करने की कुल क्षमता 1,447,363 मिलियन लीटर है, जिसमें से 1,287,076 मिलियन लीटर पानी भर चुका है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 5 से 9 अगस्त के बीच मुंबई में भारी बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान, शहर में मौसम की गतिविधियों के कारण जल स्तर में और वृद्धि होने की संभावना है। 5 अगस्त को दोपहर 3:53 बजे 3.89 मीटर का उच्च ज्वार और रात 8:08 बजे 1.11 मीटर का निम्न ज्वार आने का पूर्वानुमान है। इसके बाद, 6 अगस्त को सुबह 5:10 बजे 3.56 मीटर का उच्च ज्वार और रात 10:36 बजे 2.20 मीटर का निम्न ज्वार आने की संभावना है। इस प्रकार, मुंबई के जलाशयों में पानी की भरपूर मात्रा और आगामी बारिश के कारण जल संकट की स्थिति में सुधार की उम्मीद है।
















