Government Records Issue: नूंह में 1 गांव के 3 नाम, 20 साल से सुधार नहीं हुआ

नूंह जिले के पिनगवां खंड में स्थित एक गांव पिछले दो दशकों से सरकारी रिकॉर्ड में अलग-अलग नामों से दर्ज है, जिससे वहां के निवासियों को गंभीर समस्याओं का सामना करन
नूंह जिले के पिनगवां खंड में स्थित एक गांव पिछले दो दशकों से सरकारी रिकॉर्ड में अलग-अलग नामों से दर्ज है, जिससे वहां के निवासियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यह मामला सरकारी लापरवाही का एक स्पष्ट उदाहरण है, जिसमें बीस वर्षों से कोई समाधान नहीं निकला है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनके पहचान पत्र और अन्य सरकारी दस्तावेजों में भिन्नता के कारण उन्हें कई बार परेशानी का सामना करना पड़ा है। इस मामले को लेकर अब ग्रामीणों में रोष बढ़ता जा रहा है, और वे एक ही नाम से गांव को पहचान दिलाने की मांग कर रहे हैं।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि गांव का नाम शिक्षा विभाग के रिकॉर्ड में 'अल्लाहबास', पंचायत विभाग में 'लाहाबास' और राजस्व विभाग में 'इलाहाबाद' के रूप में दर्ज है। इसके अलावा, जीपीएस लोकेशन और अन्य ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर भी गांव का नाम 'इलाहाबाद' ही दिखाया जाता है। इस भिन्नता के कारण, विशेषकर सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। हल्का पटवारी शहीद ने भी पुष्टि की है कि राजस्व रिकॉर्ड में गांव का नाम 'इलाहाबाद' है, जबकि स्कूल के शिक्षक साकिर हुसैन ने बताया कि उनके रिकॉर्ड में गांव का नाम 'अल्लाहबास' दर्ज है।
















