Recruitment freeze in UP: 6 साल से भर्तियां बंद, उपभोक्ता परिषद ने CM योगी से की मांग

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि बिजली कंपनियों में नियमित भर्ती प्रक्रिया को फिर से शुर
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि बिजली कंपनियों में नियमित भर्ती प्रक्रिया को फिर से शुरू किया जाए। उन्होंने बताया कि पिछले छह वर्षों से इन कंपनियों में भर्तियां नहीं हुई हैं, जबकि उपभोक्ताओं की संख्या 3.80 करोड़ तक पहुंच गई है। इस बढ़ती संख्या के साथ, उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण सेवा प्रदान करने के लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों की आवश्यकता और भी बढ़ गई है। वर्मा ने कहा कि यह स्थिति बिजली सेवाओं की गुणवत्ता को प्रभावित कर रही है, जिससे उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं।
वर्मा ने 27 मई को राज्य सलाहकार समिति की बैठक में भी इस मुद्दे को उठाया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि बिजली एक आवश्यक सेवा है और इसके लिए पर्याप्त संख्या में नियमित कर्मचारियों की आवश्यकता है। वर्तमान में, प्रदेश की बिजली कंपनियों में लगभग 26 हजार नियमित कर्मचारी हैं, जो 3.80 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं की सेवा का भार संभाल रहे हैं। यह संख्या इतनी कम है कि कर्मचारियों पर अत्यधिक दबाव है, जिससे उपभोक्ता सेवा की गुणवत्ता में गिरावट आ रही है।
अवधेश कुमार वर्मा ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि वे इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान दें और नियमित भर्ती प्रक्रिया को तुरंत शुरू करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि यदि भर्तियां नहीं की जाती हैं, तो उपभोक्ताओं को और भी अधिक समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। प्रदेश में बिजली आपूर्ति की स्थिति को सुधारने के लिए यह आवश्यक है कि बिजली कंपनियों में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाए। वर्मा का यह भी कहना है कि नियमित भर्ती से न केवल सेवा में सुधार होगा, बल्कि यह युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा।
















