CWG 2026: पाकिस्तान की पहली महिला बॉक्सिंग मेडल विजेता फातिमा जहरा ने रचा इतिहास

भारत की प्रसिद्ध बॉक्सर मैरी कॉम ने न केवल अपने देश के खिलाड़ियों को प्रेरित किया है, बल्कि उनकी सफलता की कहानी ने पाकिस्तान की पहली महिला कॉमनवेल्थ गेम्स मेडलि
भारत की प्रसिद्ध बॉक्सर मैरी कॉम ने न केवल अपने देश के खिलाड़ियों को प्रेरित किया है, बल्कि उनकी सफलता की कहानी ने पाकिस्तान की पहली महिला कॉमनवेल्थ गेम्स मेडलिस्ट फातिमा जहरा पर भी गहरा असर डाला है। 22 वर्षीय फातिमा जहरा ने हाल ही में राष्ट्रमंडल खेलों में 60 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। यह किसी भी पाकिस्तानी महिला द्वारा बॉक्सिंग में जीता गया पहला मेडल है। फातिमा का जन्म पाकिस्तान के सरगोधा शहर में हुआ था, जहाँ उन्होंने अपने देश में महिला बॉक्सिंग के लिए कोई रोल मॉडल न होने के बावजूद, मैरी कॉम को अपना आदर्श माना। फातिमा ने बताया कि उन्होंने 10 साल की उम्र में मैरी कॉम की जिंदगी पर बनी फिल्म देखकर बॉक्सिंग में करियर बनाने का फैसला किया था।
फातिमा जहरा ने अपने मेडल जीतने के बाद मीडिया से बातचीत में कहा, 'मैं हमेशा से मैरी कॉम से प्रेरित रही हूँ।' उन्होंने यह भी बताया कि कैसे उन्होंने मैरी कॉम की जिंदगी पर बनी फिल्म देखकर ट्रेनिंग की। फातिमा ने कहा, 'जब मैंने बॉक्सिंग शुरू की, तो मैं उनकी फिल्म देखकर ही ट्रेनिंग करती थी। मैं उनका बहुत सम्मान करती हूँ और मुझे उम्मीद है कि मैं भी एक दिन उनकी तरह बनूंगी।' यह फिल्म, जो 2014 में रिलीज हुई थी, ने न केवल बॉक्सिंग के प्रति फातिमा का रुचि बढ़ाया, बल्कि उन्हें अपने सपनों को पूरा करने की प्रेरणा भी दी।
















