Power Crisis Deepens: सोनभद्र में महंगी बिजली खरीदने को मजबूर प्रबंधन

जागरण संवाददाता, ओबरा (सोनभद्र)। प्रदेश में उमस भरी गर्मी के चलते बिजली की मांग लगातार 31 हजार मेगावाट के पार बनी हुई है। इस समय बिजली संकट गहरा गया है, क्योंकि
जागरण संवाददाता, ओबरा (सोनभद्र)। प्रदेश में उमस भरी गर्मी के चलते बिजली की मांग लगातार 31 हजार मेगावाट के पार बनी हुई है। इस समय बिजली संकट गहरा गया है, क्योंकि विभिन्न तापीय परियोजनाओं की कई उत्पादन इकाइयां तकनीकी खराबी के कारण ठप हो गई हैं। इस स्थिति को संभालने के लिए बिजली प्रबंधन को वैकल्पिक स्रोतों से महंगी दरों पर बिजली खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ा है। इससे मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखने में कठिनाई हो रही है। हालात की गंभीरता को देखते हुए, बिजली प्रबंधन ने अतिरिक्त उपाय किए हैं ताकि लोगों को बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। दो अगस्त को अनपरा तापीय परियोजना की 210 मेगावाट क्षमता वाली तीसरी इकाई कंडेन्सर वैक्यूम कम होने के कारण बंद हो गई। इसी तरह, ओबरा तापीय परियोजना की 200 मेगावाट क्षमता वाली 13वीं इकाई कंडेन्सर ट्यूब लीकेज के चलते ठप हो गई। इन दोनों इकाइयों के बंद होने से प्रदेश के कई जिलों में बिजली कटौती करनी पड़ी। इसके अलावा, पनकी तापीय परियोजना की 660 मेगावाट क्षमता वाली पहली इकाई से भी उत्पादन ठप हो जाने से स्थिति और गंभीर हो गई। बिजली प्रबंधन ने तत्काल अतिरिक्त स्रोतों से महंगी बिजली खरीदकर प्रभावित क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल की। इसके साथ ही, पनकी की बंद इकाई से करीब छह घंटे के भीतर पुनः उत्पादन शुरू करा दिया गया, जिससे कुछ राहत मिली। लेकिन, वर्तमान में प्रदेश की आठ सरकारी तथा एक निजी (आईपीपी) क्षेत्र की कुल नौ उत्पादन इकाइयों से बिजली उत्पादन बंद होने के कारण लगभग 3,845 मेगावाट उत्पादन प्रभावित हो रहा है। ऊर्जा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगले एक से दो दिनों में अनपरा की दो इकाइयों के अलावा हरदुआगंज, जवाहरपुर, ओबरा और घाटमपुर की एक-एक इकाई से उत्पादन शुरू होने की संभावना है। इन छह इकाइयों के चालू होते ही प्रदेश में बिजली उत्पादन बढ़ेगा और महंगी दरों पर खरीदी जा रही बिजली पर निर्भरता कम होगी। इससे बिजली प्रबंधन पर आर्थिक दबाव भी घटने की उम्मीद है। इस प्रकार, प्रदेश में बिजली संकट को लेकर चिंताएं बढ़ती जा रही हैं, और लोगों को राहत देने के लिए प्रबंधन को हर संभव प्रयास करने की आवश्यकता है।
















