Rahul Gandhi questions E20 policy: दाल में कुछ काला नहीं, पूरी दाल ही काली है

e20 पेट्रोल पर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं, जिसमें राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की नीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि e20 का मामला बहुत बड़ा है और इसे लेक
E20 पेट्रोल पर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं, जिसमें राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की नीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि E20 का मामला बहुत बड़ा है और इसे लेकर जल्द ही अभियान शुरू किया जाएगा। राहुल गांधी ने वीडियो में कहा कि यह मुद्दा आम लोगों के लिए गंभीर है, क्योंकि यह उनकी गाड़ियों को नुकसान पहुंचा रहा है और जेब से पैसे निकाल रहा है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के चलते कई मुद्दे प्राथमिकता में हैं।
कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया है कि E20 के लागू होने के बाद लोगों को सस्ता तेल नहीं मिला। 5 अगस्त को जयराम रमेश ने कहा कि मार्च 2025 से अधिकांश पेट्रोल पंपों पर केवल E20 पेट्रोल ही मिलेगा। कांग्रेस का दावा है कि इससे गाड़ियों का माइलेज कम हो गया है और लोगों का तेल खर्च बढ़ गया है।
कांग्रेस ने यह भी कहा कि अप्रैल 2023 से मार्च 2026 के बीच कम माइलेज के कारण लोगों पर 88,234 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ा है। पार्टी का मानना है कि E20 पेट्रोल की कीमत कम करके उपभोक्ताओं को राहत दी जा सकती थी, लेकिन इसका लाभ केवल एथनॉल बनाने वाली कंपनियों को मिला है।
इस बीच, केंद्र सरकार ने कहा है कि एथनॉल ब्लेंडेड पॉलिसी का उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता को कम करना है। सरकार का मानना है कि एथनॉल की मांग बढ़ने से किसानों को फसलों की अच्छी कीमत मिलेगी और इससे देश ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा।
















