Opposition demands Amit Shah's presence: गृह मंत्री के सदन में आने के निवेदन पर विचार करें, राज्यसभा के सभापति ने केंद्र से कहा

संसद में छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियों का हंगामा जारी है। विपक्ष की मांग है कि गृह मंत्री अमित शाह सदन में आकर इस मामले पर बया
संसद में छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियों का हंगामा जारी है। विपक्ष की मांग है कि गृह मंत्री अमित शाह सदन में आकर इस मामले पर बयान दें। इस बीच, राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने गुरुवार को केंद्र सरकार से कहा कि वह गृह मंत्री की मौजूदगी के अनुरोध पर विचार करें।
राज्यसभा के सभापति ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से कहा कि वह विपक्ष की भावनाओं को गृह मंत्री के सामने रख सकते हैं। कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जब इस मुद्दे को फिर से उठाया, तो रिजिजू ने नियम 235 और 240 का उल्लेख किया, जो विपक्ष की रुकावटों को रोकने और बेमतलब की बातें या दोहराव से संबंधित हैं।
रिजिजू ने कहा कि खड़गे जी हर दिन वही बातें दोहराते हैं। शून्य काल में राधाकृष्णन ने खड़गे को बोलने की अनुमति दी, लेकिन सत्ता पक्ष के सदस्यों ने इसका विरोध किया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी गई। जब कार्यवाही फिर से शुरू हुई, तो खड़गे ने रिजिजू की बात का जवाब देने की अनुमति मांगी।
खड़गे ने कहा कि उन्हें यह नहीं सिखाया जाना चाहिए कि सदन में क्या कहना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह उनका अधिकार है कि वे क्या, कब और कैसे कहें। इस दौरान, खड़गे ने कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा का भी समर्थन किया, जिनकी आलोचना रिजिजू ने की थी। खड़गे ने कहा कि वे देश और 140 करोड़ लोगों से जुड़े सवाल उठा रहे हैं और गृह मंत्री तथा प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि वे यहां आएं।
















