Support for JPSC-JSSC Movement: असम के मुख्यमंत्री का छात्रों के आंदोलन को समर्थन

झारखंड में सरकारी नौकरियों में भर्ती में अनियमितता को लेकर छात्र और युवक आंदोलन कर रहे हैं। jssc cgl भर्ती में गड़बड़ी की शिकायतों के चलते राजधानी रांची में प्र
झारखंड में सरकारी नौकरियों में भर्ती में अनियमितता को लेकर छात्र और युवक आंदोलन कर रहे हैं। JSSC CGL भर्ती में गड़बड़ी की शिकायतों के चलते राजधानी रांची में प्रदर्शन हो रहा है। इस आंदोलन को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का समर्थन मिला है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान उन्हें JSSC-CGL अभ्यर्थियों की पीड़ा और भर्ती प्रक्रिया को लेकर उनकी चिंताओं को समझने का अवसर मिला था। सरमा ने कहा कि आज जो छात्र अपने भविष्य और न्याय की मांग कर रहे हैं, उनकी भावनाओं को वह पूरी तरह समझते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि झामुमो, कांग्रेस और राजद जैसी पार्टियां समय पर छात्रों की शिकायतों पर ध्यान देतीं, तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। इस समय लाखों युवाओं का भविष्य संकट में है।
सरमा ने आगे कहा कि झारखंड में भर्ती प्रक्रिया में बढ़ती अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों ने छात्रों के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि छात्रों की जायज मांगों को तुरंत स्वीकार किया जाए। उनका कहना था कि युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता। असम के मुख्यमंत्री ने इस आंदोलन को न्यायपूर्ण बताते हुए छात्रों के साथ खड़े होने की बात कही। इस प्रकार, झारखंड के छात्र-युवाओं के आंदोलन को राजनीतिक समर्थन मिलने से उनके मनोबल में वृद्धि हुई है।
















