Supreme Court Hearing on Pellet Gun Use: जंतर-मंतर पर पेलेट गन के इस्तेमाल पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पेलेट गन के इस्तेमाल को लेकर दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है। याचिकाकर्ताओं में यशोवर्धन आजाद
जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पेलेट गन के इस्तेमाल को लेकर दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है। याचिकाकर्ताओं में यशोवर्धन आजाद और अन्य शामिल हैं, जिन्होंने प्रदर्शनकारियों पर पेलेट गन के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की है। इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर ने अदालत में कहा कि मेटैलिक पेलेट का इस्तेमाल किया गया है, जिन्हें कई घायल छात्रों के शरीर से निकालना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली पुलिस की स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) मेटैलिक पेलेट के इस्तेमाल की अनुमति नहीं देती है। एसओपी में केवल रबर बुलेट और प्लास्टिक पेलेट जैसे कम घातक विकल्पों का उल्लेख किया गया है।
सुनवाई के दौरान जस्टिस जे. बागची ने कहा कि याचिका का उद्देश्य पेलेट गन के इस्तेमाल पर रोक लगाना है, जबकि पुलिस नियम विशेष परिस्थितियों में इनके इस्तेमाल की अनुमति देते हैं। जस्टिस बागची ने यह भी कहा कि एसओपी में बल प्रयोग के लिए 'ग्रेडेड अप्रोच' अपनाने की व्यवस्था है और पेलेट गन भी उसी प्रक्रिया का एक हिस्सा हो सकती है। इस पर वृंदा ग्रोवर ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग पुलिस के शस्त्रागार से पेलेट गन हटाने की नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने की है कि किन परिस्थितियों में किस तरह के हथियार का इस्तेमाल किया जाए और मेटैलिक पेलेट का इस्तेमाल न हो।
















