Tamasa River Construction Issues: तमसा नदी के किनारों पर अवैध निर्माण हटाने में प्रशासन की विफलता

अंबेडकरनगर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, तमसा नदी के किनारों से अवैध निर्माण हटाने की जिम्मेदारी वर्ष 2022 में निर्धारित की गई थी। इस कार्य के लिए सिंचाई विभाग
अंबेडकरनगर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, तमसा नदी के किनारों से अवैध निर्माण हटाने की जिम्मेदारी वर्ष 2022 में निर्धारित की गई थी। इस कार्य के लिए सिंचाई विभाग ने एक पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया था, जिसे स्थलीय सत्यापन के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, तमसा नदी के दोनों किनारों पर बाढ़ क्षेत्र में 100-100 मीटर की परिधि में लगभग 921 और जलालपुर में 498 भवनों को अवैध निर्माण के रूप में चिह्नित किया गया था। यह कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों और केंद्र व राज्य सरकार के पत्रों के बावजूद प्रभावी नहीं हो सकी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 100 दिन के विशेष प्रोजेक्ट में शामिल इस अभियान को भी अधिकारियों ने नजरअंदाज कर दिया।
तहसील प्रशासन ने सिंचाई विभाग को इस मामले में जागरूक किया और केंद्र व राज्य सरकार से पिछले तीन दशकों में जारी हुए पत्रों को भेजकर स्थिति की जानकारी दी। उस समय सिंचाई खंड टांडा के अधिशासी अभियंता एसपी सिंह ने नदी किनारे अवैध निर्माण हटाने की जिम्मेदारी ली थी। लेकिन अधिकारियों के बदलने के साथ ही इस कार्य में प्रगति ठप हो गई। राष्ट्रीय हरित अधिकरण और केंद्रीय जल आयोग के आदेशों के अनुसार, तमसा नदी के किनारे 100-100 मीटर फ्लड प्लेन जोन घोषित किया गया है, जहां निर्माण, अतिक्रमण, पट्टा, नीलामी, व्यावसायिक गतिविधियों और प्रदूषण फैलाने पर पाबंदी लगाई गई है। इस क्षेत्र में विकास और निर्माण को अधिसूचित किया गया है।
















