Tarun Tejpal's Email Revelation: तरुण तेजपाल का ईमेल खुलासा, सजा के बाद बदला सुर

डिजिटल डेस्क, मुंबई। गोवा के एक फाइव स्टार होटल में 2013 में हुए यौन उत्पीड़न मामले में चर्चित मैगजीन 'तहलका' के पूर्व संपादक और वरिष्ठ पत्रकार तरुण तेजपाल को ब
डिजिटल डेस्क, मुंबई। गोवा के एक फाइव स्टार होटल में 2013 में हुए यौन उत्पीड़न मामले में चर्चित मैगजीन 'तहलका' के पूर्व संपादक और वरिष्ठ पत्रकार तरुण तेजपाल को बॉम्बे हाईकोर्ट ने दोषी ठहराया है। इस मामले में उन्हें 10 साल की कठोर सजा सुनाई गई है। जब यह मामला एक बार फिर से चर्चा में आया, तब तरुण तेजपाल द्वारा पीड़िता को भेजा गया एक ईमेल महत्वपूर्ण सबूत के रूप में सामने आया। यह ईमेल घटना के बाद 19 नवंबर 2013 को भेजा गया था, जिसमें तेजपाल ने अपनी गलती स्वीकार की थी। उन्होंने ईमेल में लिखा कि वह अपने शर्मनाक कार्य के लिए बिना शर्त माफी मांगते हैं और यह भी स्वीकार किया कि पीड़िता उनके एक पुराने सहकर्मी की बेटी थीं। तेजपाल ने यह भी कहा कि उन्होंने 7 और 8 नवंबर को दो बार यौन संबंध बनाने की कोशिश की, जबकि महिला ने अपनी अनिच्छा जताई थी। इस ईमेल में तेजपाल ने अपने पद का इस्तेमाल करने की बात भी स्वीकार की थी। उन्होंने लिखा कि जब पीड़िता ने कहा कि 'मैं आपका बॉस हूं', तो उन्होंने जवाब दिया था, 'इससे बात और आसान हो जाती है'। हालांकि, उन्होंने तुरंत अपने शब्द वापस ले लिए थे।
तरुण तेजपाल के इस ईमेल का जिक्र सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने किया। अभियोजक पक्ष का कहना था कि इस ईमेल में तेजपाल ने अपनी गलती मान ली थी, जबकि बचाव पक्ष के वकील का तर्क था कि यह ईमेल केवल आपसी सहमति से हुई बातचीत को लेकर था। तेजपाल ने ईमेल में यह भी कहा कि वह महिलाओं के अधिकारों की बात करते रहे हैं और इस स्थिति में खुद को पाकर वह बेहद शर्मिंदा हैं। उन्होंने कहा कि वह इसे पागलपन का समय कहकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं भाग सकते। अंत में उन्होंने लिखा कि अगर एक माफी से जख्म भर सकें, तो कृपया इसे एक बिना शर्त माफी मानें।
हालांकि, अब जब बॉम्बे हाईकोर्ट ने तेजपाल को 10 साल की जेल की सजा सुनाई है, तब उनके बयान में बदलाव देखने को मिला है। सजा सुनाए जाने के बाद तरुण तेजपाल ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध और बदले की भावना करार दिया है। उन्होंने दावा किया कि तहलका के पुराने कामों की वजह से उन्हें पिछले 13 सालों से निशाना बनाया जा रहा है। तेजपाल ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और वे इस मामले के सबूत जनता के सामने रखेंगे। यह मामला न केवल तरुण तेजपाल के लिए बल्कि भारतीय न्याय व्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह यौन उत्पीड़न के मामलों में न्याय की प्रक्रिया को दर्शाता है।















