Train Theft in Ghaziabad: ट्रेनों में चोरी करने पर पौव्वा को दो वर्ष तीन माह कारावास

गाजियाबाद में ट्रेनों में यात्रियों का सामान चुराने वाले एक गिरोह के सदस्य किशन उर्फ हनी उर्फ पौव्वा को अदालत ने गैंगस्टर एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए दो वर्ष ती
गाजियाबाद में ट्रेनों में यात्रियों का सामान चुराने वाले एक गिरोह के सदस्य किशन उर्फ हनी उर्फ पौव्वा को अदालत ने गैंगस्टर एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए दो वर्ष तीन माह की सजा सुनाई है। इसके साथ ही, अदालत ने उस पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यदि वह जुर्माना जमा नहीं करता है, तो उसे एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह मामला तब सामने आया जब जीआरपी थाना प्रभारी अनुज मलिक ने 13 मई 2014 को किशन को गिरफ्तार किया। जांच के दौरान पता चला कि वह ट्रेनों में यात्रियों का सामान चुराने वाले गिरोह का सक्रिय सदस्य था। किशन के खिलाफ चोरी और चोरी के सामान रखने के तीन मुकदमे दर्ज थे, जिसके आधार पर उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।
विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट और अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या 12 में मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मुख्य आरक्षी रवि कुमार की गवाही सहित अन्य साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। अभियोजन ने यह साबित करने का प्रयास किया कि किशन उर्फ हनी उर्फ पौव्वा ने अपने गिरोह के साथ मिलकर कई बार ट्रेनों में यात्रियों का सामान चुराया है। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर किशन को दोषी करार दिया। इस मामले में अदालत ने सजा सुनाते हुए कहा कि इस प्रकार के अपराधों से समाज में भय और असुरक्षा का माहौल बनता है, इसलिए सजा का उद्देश्य न केवल आरोपी को दंडित करना है, बल्कि समाज में सुरक्षा की भावना को भी बनाए रखना है।
















