Laptop charging mistakes to avoid: लैपटॉप चार्ज करते समय भूलकर भी न करें ये गलतियां

आजकल लैपटॉप का उपयोग हर जगह किया जा रहा है, चाहे वह ऑफिस का काम हो या बच्चों की पढ़ाई। सफर के दौरान भी लोग लैपटॉप अपने साथ रखते हैं, और जब बैटरी खत्म होने लगती
आजकल लैपटॉप का उपयोग हर जगह किया जा रहा है, चाहे वह ऑफिस का काम हो या बच्चों की पढ़ाई। सफर के दौरान भी लोग लैपटॉप अपने साथ रखते हैं, और जब बैटरी खत्म होने लगती है, तो कई लोग इसे कार के USB पोर्ट से चार्ज करने की कोशिश करते हैं। लेकिन क्या यह सही तरीका है? इस प्रश्न का उत्तर हर बार हां नहीं होता।
कार के USB पोर्ट से लैपटॉप को चार्ज करने पर कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। अधिकतर लैपटॉप को चार्ज करने के लिए 45W, 65W, 90W या उससे अधिक पावर की आवश्यकता होती है। जबकि कार के USB पोर्ट से आमतौर पर केवल 5V की पावर मिलती है, जो कि 5W से 15W के बीच होती है। इस प्रकार, कार का सामान्य USB पोर्ट लैपटॉप को पर्याप्त बिजली नहीं दे पाता।
हालांकि, नई कारों में USB-C पोर्ट तेजी से आम हो रहे हैं, लेकिन केवल USB-C पोर्ट होने का मतलब यह नहीं है कि वह लैपटॉप को तेजी से चार्ज कर सकता है। कुछ USB-C पोर्ट केवल डेटा ट्रांसफर या कम पावर के लिए होते हैं। इसलिए यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि कार का USB-C पोर्ट USB Power Delivery (USB PD) को सपोर्ट करता है या नहीं।
यदि सफर के दौरान लैपटॉप चार्ज करना आवश्यक है, तो USB PD सपोर्ट वाला उच्च गुणवत्ता वाला कार चार्जर सबसे अच्छा विकल्प है। ऐसे चार्जर 45W, 65W या इससे अधिक पावर दे सकते हैं। इसके अलावा, यदि लैपटॉप अधिक पावर मांगता है, तो पावर इन्वर्टर का उपयोग किया जा सकता है, जो कार की DC बिजली को AC में बदल देता है।



















