Anti-Paper Leak Bill Passed: एंटी पेपर लीक बिल राज्यसभा में भी पास, विपक्ष ने किया वॉकआउट

एंटी पेपर लीक बिल अब लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी पारित हो गया है। इस बिल पर राज्यसभा में लगभग सात घंटे तक चर्चा हुई, जिसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यम
एंटी पेपर लीक बिल अब लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी पारित हो गया है। इस बिल पर राज्यसभा में लगभग सात घंटे तक चर्चा हुई, जिसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने इस पर जवाब दिया। उन्होंने विपक्ष के सभी आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि इस बिल का नाम 'प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स' यानी पीयूएम है, जिसमें पेपर लीक का उल्लेख नहीं है। डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह मुद्दा हर परिवार से जुड़ा हुआ है और बच्चों का भविष्य इस पर निर्भर करता है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उन्होंने 152 पेपर लीक के मामले उठाए, लेकिन उन्हें प्रमाणित नहीं कर सके। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने मेडिकल शिक्षा को सभी के लिए सुलभ बनाया है और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत छात्रों को विषय चुनने में अधिक स्वतंत्रता दी गई है।
डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने यह भी बताया कि आदिवासी क्षेत्रों में एकलव्य विद्यालय खोले गए हैं और देशभर में 400 ऐसे स्कूल खोले गए हैं। उन्होंने कहा कि इस बिल के दायरे में केवल एनटीए ही नहीं, बल्कि एसएससी, यूपीएससी और बैंकिंग परीक्षाएं भी शामिल होंगी। उन्होंने साइबर सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया और कहा कि राधाकृष्णन कमेटी की 46 सिफारिशों में से 37 पहले ही लागू की जा चुकी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पेपर लीक की ज्यादातर घटनाएं राज्य स्तर पर हुई हैं, एनटीए के स्तर पर नहीं। कोचिंग उद्योग में पारदर्शिता के लिए सुझावों का स्वागत किया गया है।
हालांकि, विपक्ष ने इस बिल पर सवाल उठाए हैं। मल्लिकार्जुन खड़गे और आम आदमी पार्टी के संजय सिंह जैसे नेताओं ने सरकार की मंशा पर संदेह जताया है। आरजेडी के प्रोफेसर मनोज कुमार झा ने कहा कि ये केवल कॉस्मेटिक रिफॉर्म हैं और असली समस्या का समाधान नहीं करेंगे। विपक्ष ने वॉकआउट करते हुए गृह मंत्री से सदन में आने की मांग की, लेकिन सत्तापक्ष ने कहा कि विपक्ष मुद्दा विहीन हो गया है। जेपी नड्डा ने कहा कि सत्ताधारी पार्टी किसी भी विषय पर चर्चा के लिए हमेशा तैयार है। अब इस बिल के राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यह कानून बन जाएगा।
















