Assam Assembly Passes Bill: असम में 250 साल पुराने धार्मिक स्थलों के 5 किमी दायरे में जमीन खरीद पर नई रोक

असम विधानसभा ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण विधेयक पारित किया है, जिसके अंतर्गत राज्य में 250 साल या उससे अधिक पुराने 'प्रतिष्ठित धरोहर संस्थानों' के 5 किलोमीटर के
असम विधानसभा ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण विधेयक पारित किया है, जिसके अंतर्गत राज्य में 250 साल या उससे अधिक पुराने 'प्रतिष्ठित धरोहर संस्थानों' के 5 किलोमीटर के दायरे में जमीन खरीदने और रखने के नियमों में बदलाव किया गया है। इस विधेयक का नाम असम भूमि और राजस्व विनियमन (संशोधन) बिल, 2026 रखा गया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस कानून को राज्य का अब तक का 'सबसे सेक्युलर' कानून बताया है, जो सभी समुदायों के लिए समान रूप से लागू होगा। विधानसभा में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 250 साल पुराना कोई भी धार्मिक स्थल इस कानून के तहत सुरक्षित रहेगा। जो परिवार 2006 तक तीन पीढ़ियों से उस क्षेत्र में निवास कर रहे हैं, उन्हें बिना जमीन के पट्टे के भी वहां रहने की अनुमति होगी। एक पीढ़ी को 25 साल माना गया है, और यह नियम धर्म से जुड़ा नहीं है, अर्थात सभी समुदायों पर समान रूप से लागू होगा।
इस विधेयक के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति उस सुरक्षित इलाके में बिना अनुमति के निवास कर रहा है, तो उसे वहां से हटाया जा सकता है। इसके अलावा, अब हिंदू, मुस्लिम या किसी अन्य समुदाय का कोई भी नया व्यक्ति उस सुरक्षित क्षेत्र में जमीन नहीं खरीद सकेगा। जिन लोगों के पास पहले से जमीन के पट्टे हैं, वे अपने धर्म या समाज की श्रेणी चाहे जो भी हो, वहां रहना जारी रख सकेंगे। नए लोग केवल तभी जमीन खरीद सकेंगे जब वे 'मूल निवासी', अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, स्थानीय जनजातीय समुदाय या वंचित समूह की श्रेणी में आते हों। मूल निवासी वह माना जाएगा जो 1 जनवरी 2006 तक अपने परिवार के साथ तीन पीढ़ियों यानी लगभग 75 साल से उस इलाके में निवास कर रहा हो।

















