Bypass construction in Buxar: 300 trees obstructing 41.52 crore project

बक्सर में प्रस्तावित फोरलेन बाइपास सड़क के निर्माण कार्य में इन दिनों कई बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। यह बाइपास सड़क, जो गोलंबर से ज्योति चौक तक फैली हुई है, लगभग
बक्सर में प्रस्तावित फोरलेन बाइपास सड़क के निर्माण कार्य में इन दिनों कई बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। यह बाइपास सड़क, जो गोलंबर से ज्योति चौक तक फैली हुई है, लगभग ढाई किलोमीटर लंबी है और इसकी लागत 41.52 करोड़ रुपये है। इस परियोजना की सबसे बड़ी समस्या सड़क किनारे खड़े करीब 300 पेड़ों की कटाई है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब तक पेड़ों के बदले पौधारोपण के लिए वैकल्पिक भूमि का औपचारिक हस्तांतरण नहीं किया जाता, तब तक पेड़ों की कटाई की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके अलावा, नाला निर्माण के दौरान विद्युत खंभे भी कार्य में रुकावट डाल रहे हैं, जिससे निर्माण कार्य की गति धीमी हो गई है। सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया में इन सभी मुद्दों का समाधान करना आवश्यक है।
इस फोरलेन बाइपास योजना की घोषणा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजपुर प्रखंड मुख्यालय से की थी। निर्माण कार्य फरवरी 2025 में शुरू हुआ था और विभाग ने इसे नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। हालांकि, अगस्त 2026 का पहला सप्ताह बीतने के बावजूद परियोजना का बड़ा हिस्सा अभी अधूरा है, जिससे समय पर कार्य पूरा होने को लेकर संदेह उत्पन्न हो रहा है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एक पेड़ के बदले तीन पौधे लगाए जाएंगे, लेकिन इसके लिए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होना आवश्यक है। यदि यह प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं होती है, तो निर्माण कार्य में और देरी हो सकती है।
















