CBI's Return to Rampur: चाइल्ड पोर्नोग्राफी केस में डिजिटल डेटा की जांच के लिए आई टीम

रामपुर में शुक्रवार को दिल्ली से आई सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) की टीम ने एक बार फिर से डेरा डाल दिया है। इस बार टीम का मुख्य उद्देश्य चाइल्ड पोर्न
रामपुर में शुक्रवार को दिल्ली से आई सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) की टीम ने एक बार फिर से डेरा डाल दिया है। इस बार टीम का मुख्य उद्देश्य चाइल्ड पोर्नोग्राफी से संबंधित एक मामले में जब्त किए गए डिजिटल डेटा की जांच करना है। सीबीआई की टीम ने स्थानीय पुलिस अधिकारियों के साथ संपर्क साधकर आवश्यक जानकारियां जुटाई, लेकिन फिलहाल किसी विशेष व्यक्ति के घर पर पूछताछ करने के लिए टीम ने दबिश नहीं दी। इस स्थिति ने यह संकेत दिया है कि सीबीआई जल्द ही कोई बड़ी कार्रवाई कर सकती है। पिछले महीने, सीबीआई ने स्वार क्षेत्र में प्रतिबंधित पोर्न फिल्म देखने के मामले में लंबी पूछताछ की थी, जिसके चलते यह संभावना जताई जा रही है कि टीम उसी सिलसिले में दोबारा रामपुर आई है।
सीबीआई की टीम ने रामपुर पहुंचते ही स्थानीय पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया और कुछ संदिग्ध व्यक्तियों के बारे में खुफिया जानकारी भी इकट्ठा की। हालांकि, टीम ने किसी विशेष व्यक्ति के घर पर जाकर पूछताछ करने का निर्णय नहीं लिया। उल्लेखनीय है कि 29 जून को सीबीआई की टीम ने स्वार के मुहल्ला रसूलपुर में जमील कुरैशी के आवास पर छापेमारी की थी, जहां परिवार के सदस्यों से लंबी पूछताछ की गई थी। इस दौरान, परिवार के सदस्यों के मोबाइल फोन और लैपटॉप में मिली आपत्तिजनक सामग्री को लेकर अधिकारियों ने कई सवाल किए थे। खासकर जमील कुरैशी के छोटे बेटे अली रजा, जो एक अधिवक्ता के यहां मुंशी के रूप में कार्यरत हैं, के लैपटॉप के उपयोग को लेकर भी सवाल उठाए गए थे।
सीबीआई के अधिकारियों ने बताया था कि यह कार्रवाई न्यायालय से प्राप्त सर्च वारंट के आधार पर की गई थी। अब एक बार फिर से रामपुर पहुंचने पर चर्चा है कि सीबीआई चाइल्ड पोर्नोग्राफी के प्रकरण की विवेचना को अंतिम रूप देने के लिए आई है। रसूलपुर के जमील कुरैशी के तीन बेटे हैं, जिनमें से बड़ा बेटा अमान कुरैशी केरल में सैलून चलाता है, दूसरा बेटा इंतेकाब कुरैशी पुणे में सिलाई का काम करता है, और सबसे छोटा बेटा अली रजा तहसील में एक अधिवक्ता के यहां मुंशी के रूप में कार्यरत है। सीबीआई की टीम ने पिछले बार जब जमील कुरैशी के घर पर छापेमारी की थी, तब करीब साढ़े सात घंटे तक तलाशी अभियान चलाया था और डिजिटल डेटा अपने साथ ले गई थी। अब यह देखने की बात होगी कि सीबीआई इस बार क्या कदम उठाती है।
















