Chandigarh Protest: चंडीगढ़ में आप नेताओं और कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प

चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नगर निगम की बैठक में बिना चर्चा के पारित किए गए 227 करोड़ रुपये के पाइपलाइन परियोजना के खिलाफ जोरदा
चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नगर निगम की बैठक में बिना चर्चा के पारित किए गए 227 करोड़ रुपये के पाइपलाइन परियोजना के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन नगर निगम कार्यालय के बाहर आयोजित किया गया, जहां कार्यकर्ताओं ने लोकभवन की ओर बढ़ने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग की और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्कामुक्की भी हुई, लेकिन बाद में पुलिस के समझाने पर पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल लोकभवन पहुंचा और प्रशासन के नाम अपना मांगपत्र सौंपा। आप नेताओं ने आरोप लगाया कि नगर निगम सदन की बैठक में कजोली वॉटर वर्क्स से सेक्टर-39 वॉटर वर्क्स तक पाइपलाइन बदलने से संबंधित प्रस्ताव को बिना किसी चर्चा के पारित कर दिया गया। इसके अलावा, 15 अन्य प्रस्तावों पर भी सदन में चर्चा नहीं कराई गई। आप का कहना है कि भाजपा सत्ता का दुरुपयोग कर रही है और करोड़ों रुपये के प्रस्ताव बिना बहस के पारित करवा रही है। पार्टी ने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की अनदेखी की गई है और वह जनता के पैसे की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
भाजपा के भीतर भी इस मुद्दे पर विरोध के स्वर उभरे हैं। कई भाजपा पार्षदों ने बिना चर्चा के प्रस्तावों को पारित करने पर सवाल उठाए हैं। सीनियर डिप्टी मेयर जस्मंत प्रीत सिंह और पूर्व मेयर अनूप गुप्ता सहित छह से अधिक पार्षदों ने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी। पार्षदों के दबाव के बाद मेयर सौरोभ जोशी ने नगर निगम आयुक्त अमित कुमार को पत्र लिखकर 227 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को वापस लेने और दोबारा सदन में चर्चा के लिए लाने का अनुरोध किया है। इसके साथ ही, टेबल एजेंडा में सामने आई त्रुटियों की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। यह मुद्दा अब केवल विपक्ष के विरोध तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि भाजपा के भीतर भी चर्चा और विवाद का विषय बन गया है।
















