Charge Sheet Filed Against Inspector and Head Constable: मोहाली कोर्ट में रिश्वतखोरी के मामले में चार्जशीट दाखिल

मोहाली से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है, जहां पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने रिश्वतखोरी के एक चर्चित मामले में जांच पूरी कर सीआईए स्टाफ फिरोजपुर कैंट में तैनात थानेदा
मोहाली से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है, जहां पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने रिश्वतखोरी के एक चर्चित मामले में जांच पूरी कर सीआईए स्टाफ फिरोजपुर कैंट में तैनात थानेदार गुरजीत सिंह उर्फ गोल्डी और हेड काॅन्स्टेबल बलौर सिंह के खिलाफ मोहाली की अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इन दोनों पर आरोप है कि उन्होंने नशा तस्करी के एक मामले में राहत दिलाने के लिए रिश्वत मांगी थी। विजिलेंस ने थानेदार को 1.30 लाख रुपये लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। इस मामले में हेड काॅन्स्टेबल की भूमिका भी सामने आने पर उसे भी आरोपित बनाया गया। विजिलेंस के अनुसार, शिकायतकर्ता ने बताया कि वह खेती और पशुओं की खरीद-फरोख्त का काम करता है और उसके मामा के बेटे ओम उर्फ ओमी के खिलाफ थाना सदर फिरोजपुर में एनडीपीएस एक्ट की धारा-21 के तहत मामला दर्ज था। शिकायतकर्ता के अनुसार, जांच के दौरान थानेदार गुरजीत सिंह ने कहा कि उसके भाई बलविंदर सिंह का नाम भी केस में जुड़ रहा है। आरोपितों ने कहा कि यदि गिरफ्तारी और कार्रवाई से बचना है तो पैसे देने होंगे। पहले पांच लाख रुपये की मांग की गई, लेकिन बाद में बातचीत के बाद रकम 2.30 लाख रुपये तय हुई। शिकायतकर्ता ने मजबूरी में एक लाख रुपये पहले ही दे दिए थे। बाकी 1.30 लाख रुपये देने से पहले उसने विजिलेंस ब्यूरो से संपर्क कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दे दी।
इस मामले में शिकायत के समर्थन में शिकायतकर्ता ने व्हाट्सएप चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्य पेन ड्राइव में रिकॉर्ड कर जांच टीम को सौंपे। विजिलेंस ने 2 जून को जाल बिछाया और गुरजीत सिंह को 1.30 लाख रुपये की शेष रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद जब जांच आगे बढ़ी तो हेड कांस्टेबल बलौर सिंह की संलिप्तता भी सामने आई, जिसके बाद उसे भी मामले में आरोपित बना लिया गया। विजिलेंस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में चालान पेश कर दिया है। अब मामले की सुनवाई कोर्ट में होगी और अभियोजन पक्ष उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अपना पक्ष रखेगा। इस मामले ने पुलिस विभाग में एक बार फिर से रिश्वतखोरी की गंभीरता को उजागर किया है और यह दर्शाता है कि कैसे कुछ पुलिसकर्मी अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। यह मामला न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि यह समाज में पुलिस के प्रति विश्वास को भी प्रभावित करता है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
















