Low Voter Turnout in Gujarat: मांजलपुर उपचुनाव में सियासी समीकरण उलझे

गुजरात के वडोदरा जिले की मांजलपुर सीट पर हाल ही में हुए उपचुनाव में मतदान की संख्या बेहद कम रही, जिससे राजनीतिक समीकरणों में उलझन पैदा हो गई है। वर्ष 2022 में भ
गुजरात के वडोदरा जिले की मांजलपुर सीट पर हाल ही में हुए उपचुनाव में मतदान की संख्या बेहद कम रही, जिससे राजनीतिक समीकरणों में उलझन पैदा हो गई है। वर्ष 2022 में भाजपा के उम्मीदवार योगेश पटेल ने एक लाख 754 मतों के अंतर से जीत हासिल की थी, जबकि इस बार केवल 82,310 मत ही पड़े हैं। इस कमी ने सभी राजनीतिक दलों के लिए चिंता का विषय बना दिया है। आम आदमी पार्टी ने इस चुनाव में अपना प्रत्याशी नहीं उतारा, जिससे कांग्रेस के उम्मीदवार को उम्मीद है कि उन्हें आम आदमी पार्टी के समर्थकों से कुछ अतिरिक्त मत मिल सकते हैं। हालांकि, पिछले चुनाव में इन दोनों दलों को मिलकर करीब 30 हजार मत मिले थे, जो इस बार एसआईआर प्रक्रिया में काटे गए 44 हजार मतों से भी कम हैं।
राज्य चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, मांजलपुर उपचुनाव में मतदान प्रतिशत लगभग 37 प्रतिशत रहा। यह आंकड़ा वर्ष 2022 के चुनावों में भाजपा के योगेश पटेल द्वारा प्राप्त मतों की तुलना में काफी कम है। पिछले चुनाव में कांग्रेस को 19,379 और आम आदमी पार्टी को लगभग 11,000 मत मिले थे। अब जब आम आदमी पार्टी ने चुनाव में भाग नहीं लिया है, तो कांग्रेस के उम्मीदवार भिखा भाई रबारी को उम्मीद है कि उन्हें आम आदमी पार्टी के मतदाता का समर्थन मिलेगा। लेकिन, पिछले चुनाव में मिली जीत के अंतर को देखते हुए यह उम्मीद कमजोर नजर आती है।
भाजपा के उम्मीदवार सतीश पटेल को मांजलपुर सीट पर जीत की उम्मीद है, जो भाजपा का गढ़ माना जाता है, लेकिन कम मतदान ने उनकी नींद उड़ा दी है। यह उपचुनाव राज्य में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया और जंतर मंतर पर छात्रों के आंदोलन के बाद का पहला बड़ा चुनाव है। यही कारण है कि सभी उम्मीदवार जीत का दावा तो कर रहे हैं, लेकिन वे बेहद सतर्कता से अपनी बात रख रहे हैं। इस सीट पर करीब 44 हजार मत काटे गए हैं, जो राजनीतिक समीकरणों को और जटिल बना रहे हैं।















