Confidential Report on Channi: कांग्रेस में गुटबाजी पर बोले भूपेश बघेल

राजेश त्रिपाठी, मोगा। पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल ने स्पष्ट किया है कि पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के मामले में अब पार्टी का आला कमान ही अंतिम निर
राजेश त्रिपाठी, मोगा। पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल ने स्पष्ट किया है कि पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के मामले में अब पार्टी का आला कमान ही अंतिम निर्णय लेगा। मोगा में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए बघेल ने कहा कि कांग्रेस ने चन्नी को विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारियां सौंपी हैं, जिसमें विधायक, मंत्री, नेता प्रतिपक्ष, मुख्यमंत्री और सांसद शामिल हैं। लेकिन वर्तमान में जो भी घटनाक्रम चल रहा है, उसकी रिपोर्ट आला कमान को सौंप दी जाएगी। उन्होंने बताया कि यह रिपोर्ट गोपनीय होगी और इसे बंद कमरे में प्रस्तुत किया जाएगा, इसलिए इसके विषय में अधिक चर्चा करना संभव नहीं है।
भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस ने राज्य में हर बूथ को मजबूत करने के लिए एक कार्यक्रम की शुरुआत की है। वे सभी जिलों में जाकर इस कार्यक्रम की समीक्षा कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पार्टी के विचार आम मतदाता तक पहुंचें। उन्होंने कहा कि बूथों को मजबूत करने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया गया है। इस दौरान जब चन्नी के मामले पर सवाल उठाए गए, तो प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि हर परिवार में छोटे-मोटे मतभेद होते हैं, लेकिन अब मीडिया ने कांग्रेस की गतिविधियों को प्रमुखता से दिखाना शुरू कर दिया है। इससे पहले कांग्रेस को जिस तरह से नजरअंदाज किया गया था, अब वह स्थिति बदल रही है।
बघेल के बयान के बाद, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने आरोप लगाया कि एसआईआर के माध्यम से कांग्रेस के वोटों को कम करने की साजिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं को इस मामले में सतर्क रहने के लिए कहा गया है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अन्य राज्यों में भी कांग्रेस के मतदाताओं को निशाना बनाया गया था। वड़िंग ने यह भी कहा कि राज्य के एक मंत्री हरजोत बैंस ने सीबीआई जांच की बात कही है, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को 'पिंजरे का तोता' कहा था। उन्होंने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर आम आदमी पार्टी को सीबीआई पर विश्वास है, तो यह स्पष्ट है कि भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच कोई समझौता हो गया है, जो आगामी चुनावों में स्पष्ट दिखाई देगा।
















