Court Denies Timeline for Trial: श्रद्धा वालकर का अंतिम संस्कार चार साल से रुका हुआ है

दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को श्रद्धा वालकर हत्या मामले में ट्रायल के लिए समय-सीमा तय करने की मांग को खारिज कर दिया। अदालत ने यह स्पष्ट किया कि मामले की सुनवा
दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को श्रद्धा वालकर हत्या मामले में ट्रायल के लिए समय-सीमा तय करने की मांग को खारिज कर दिया। अदालत ने यह स्पष्ट किया कि मामले की सुनवाई प्रतिदिन की जा रही है, जिससे ट्रायल की गति को बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। श्रद्धा वालकर के भाई ने अदालत में याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि लंबे समय तक चलने वाले ट्रायल के कारण उनकी बहन के अंतिम संस्कार में देरी हो रही है। उनका कहना था कि श्रद्धा के अवशेष अभी भी केस की प्रॉपर्टी के रूप में रखे गए हैं, जिससे परिवार को अंतिम संस्कार करने में कठिनाई हो रही है। यह मामला पिछले चार साल से चल रहा है और परिवार के लिए यह एक भावनात्मक और मानसिक तनाव का कारण बन गया है।
श्रद्धा वालकर के भाई ने अदालत में अपनी बात रखते हुए यह भी कहा कि इस मामले में तेजी लाने की आवश्यकता है, ताकि परिवार को अपनी बहन का अंतिम संस्कार करने का अवसर मिल सके। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि ट्रायल की समय-सीमा निर्धारित की जाए ताकि मामले का निपटारा जल्दी हो सके। हालांकि, अदालत ने इस पर सहमति नहीं जताई और कहा कि मामले की सुनवाई नियमित रूप से हो रही है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि न्यायालय इस मामले को गंभीरता से ले रहा है। श्रद्धा वालकर की हत्या का मामला तब सामने आया जब पुलिस ने आफताब पूनावाला को गिरफ्तार किया, जिस पर आरोप है कि उसने 2022 में श्रद्धा की हत्या की थी।
















