Court petition for regularization of employees: चतुर्थवर्गीय कर्मियों की नियमितीकरण मांग झारखंड हाईकोर्ट पहुंची

पलामू से प्राप्त जानकारी के अनुसार, झारखंड के मेदिनीनगर में पलामू समाहरणालय एवं उससे जुड़े कार्यालयों में 1988-89 से दैनिक मजदूर के रूप में कार्यरत चतुर्थवर्गीय
पलामू से प्राप्त जानकारी के अनुसार, झारखंड के मेदिनीनगर में पलामू समाहरणालय एवं उससे जुड़े कार्यालयों में 1988-89 से दैनिक मजदूर के रूप में कार्यरत चतुर्थवर्गीय कर्मियों ने अपनी सेवा नियमितीकरण की मांग को लेकर झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इन कर्मियों ने हाईकोर्ट में एक अपील दायर की है, जिसमें उन्होंने अपनी सेवाओं को नियमित करने की मांग की है। अपील में उल्लेख किया गया है कि वर्ष 1994 और 1998 में चतुर्थवर्गीय पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किए गए थे, लेकिन विभिन्न कारणों से नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इन कर्मियों का कहना है कि तीन दशकों से अधिक समय से वे विभिन्न सरकारी कार्यालयों में कार्यरत हैं और अब उन्हें नियमित करने की आवश्यकता है।
झारखंड हाईकोर्ट में दायर की गई अपील में यह भी कहा गया है कि नियमितीकरण को लेकर पहले भी कई रिट याचिकाएं दायर की गई थीं, जिनमें न्यायालय ने संबंधित पक्षों के पक्ष में आदेश भी पारित किए थे। न्यायालय के निर्देश पर जिला स्थापना कार्यालय ने एक जांच दल गठित किया था, जिसने पात्र कर्मियों की जांच भी की थी। इन कर्मियों का कहना है कि वर्ष 2018 में स्थापना समिति की बैठक के बाद विभिन्न कार्यालयों में चतुर्थवर्गीय पदों पर नियुक्तियां की गईं, लेकिन कुछ दैनिक मजदूरों को सेवा में बनाए रखते हुए अन्य कर्मियों का नियमितीकरण नहीं किया गया।
















