Good News from Ladakh: नुब्रा घाटी में याकों की संख्या में 20% की वृद्धि

लद्दाख की नुब्रा घाटी से एक सुखद समाचार सामने आया है, जहां याकों की संख्या में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह वृद्धि न केवल पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण है, बल्क
लद्दाख की नुब्रा घाटी से एक सुखद समाचार सामने आया है, जहां याकों की संख्या में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह वृद्धि न केवल पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि स्थानीय लोगों की आजीविका और सांस्कृतिक धरोहर के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है। याक, जो लद्दाख और तिब्बत के ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में पाया जाता है, एक मजबूत मवेशी है, जिसका उपयोग स्थानीय किसान खेती, सामान ढोने और दूध के उत्पादन में करते हैं। याक की लंबी और घनी फर इसे ठंड से बचाने में मदद करती है, जिससे यह क्षेत्र की पहचान का एक अभिन्न हिस्सा बन जाता है। नुब्रा के डिप्टी कमिश्नर मुकुल बेनीवाल ने बताया कि याक केवल एक पशु नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। प्रशासन याक पालन को बढ़ावा देने और इसके उत्पादों को नई पहचान दिलाने के लिए विभिन्न योजनाएं लागू कर रहा है।
नुब्रा घाटी में याक प्रजनन केंद्र में हाल ही में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें वैज्ञानिकों ने याक पालन के आधुनिक तरीकों और बेहतर प्रजनन तकनीकों की जानकारी साझा की। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मुख्तार हुसैन ने याकों को बीमारियों से बचाने के लिए नियमित टीकाकरण की आवश्यकता पर जोर दिया। इस कार्यक्रम में 135 से अधिक याक पालकों ने भाग लिया, जो विभिन्न गांवों से आए थे। इसके साथ ही, पशुपालकों को 200 पशु चारा बैग, 100 तिरपाल, 100 सोलर लाइटें और अन्य आवश्यक सामग्रियां भी वितरित की गईं। यह कदम न केवल याकों की संख्या बढ़ाने में मदद करेगा, बल्कि स्थानीय लोगों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करेगा।



















